Home » राजस्थान » ऑनलाइन-गेम में 5 लाख हारा तो पत्नी के साथ सुसाइड:एक दिन पहले साली को कॉल कर कहा था- मरने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा

ऑनलाइन-गेम में 5 लाख हारा तो पत्नी के साथ सुसाइड:एक दिन पहले साली को कॉल कर कहा था- मरने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा

मोबाइल पर ऑनलाइन गेम खेलते-खेलते युवक पर इतना कर्ज हो गया कि उसने पत्नी के साथ घर में सुसाइड कर लिया। सोमवार सुबह करीब 7 बजे रूम का दरवाजा नहीं खुला तो बुजुर्ग पिता को चिंता हुई। उन्होंने दरवाजा खटखटाया, आवाज लगाई। कोई जवाब नहीं आया। कुछ क्षण बाद 5 साल की पोती ने अंदर से दरवाजा खोला। सामने बेटे-बहू की लाश पंखे से लटक रही थी। मामला कोटा के कैथून इलाके का है।

उधर, युवक ने सुसाइड करने से एक दिन पहले अपनी पत्नी की बड़ी बहन को कॉल कर कहा था- ऑनलाइन गेम में 4 से 5 लाख रुपए का कर्जा हो गया है। मेरे पास मरने के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। पत्नी की बड़ी बहन ने युवक को समझाया भी था। कहा था कि आप ऐसा-वैसा कुछ मत कर लेना। पैसों का इंतजाम किया जाएगा। सुबह खबर मिली कि दोनों ने सुसाइड कर लिया है।

6 साल पहले शादी हुई थी थानाधिकारी सुरेश कुमार ने बताया- दीपक राठौर और उनकी पत्नी राजेश राठौर का शव मिला है। दोनों कैथून के खेड़ा रसूलपुर( खेड़ा रामपुर) के रहने वाले थे। दीपक के पिता सत्यनारायण राठौर ने बताया- मेरा इकलौता बेटा था। उसके अलावा दो बेटियां हैं। दीपक की शादी 6 साल पहले हुई थी। उसकी एक बेटी है। बेटे-बहू के बीच अच्छा तालमेल था। कोई झगड़ा भी नहीं था। बहू ने रविवार रात खाना बनाया था। उसके बाद सभी ने खाया था। सबकुछ ठीक था। रात को पोती, बेटे-बहू कमरे में सोने चले गए थे।

सुबह कमरे से बाहर नहीं आए सत्यनारायण (मृतक के पिता) ने बताया कि सोमवार सुबह कमरे का दरवाजा नहीं खुला। आवाज लगाई तो 5 साल की पोती ने दरवाजा खोला। अंदर जाकर देखा तो दीपक और राजेश का शव पंखे से लटक रहा था। दरअसल, दोनों रविवार को बाजार गए थे। बाजार से रस्सी खरीदकर लाए थे। उसी रस्सी से फंदा लगाया है।

विवाहिता की बड़ी बहन ने कहा था- गलत कदम मत उठाना राजेश (विवाहिता) के पिता प्रेम शंकर ने बताया- जमाई (दीपक) पहले आरसीसी का काम करते थे। बेटी के बोलने पर ही डीसीएम फैक्ट्री में मैंने काम दिलवाया था। दीपक ने रविवार शाम को मेरी बड़ी बेटी को फोन करके कहा था कि ऑनलाइन गेम खेला था। इसमें 4 से 5 लाख रुपए कर्जा हो गया था।

अब बताओ मैं क्या करूं मेरे पास मरने के अलावा और कोई रास्ता नहीं है। मेरी बड़ी बेटी ने कहा था कि कोई गलत कदम मत उठाना। हम कहीं न कहीं से रुपयों की व्यवस्था करवा देंगे।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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