जयपुर चांदी की टकसाल स्थित 1100 वर्ष प्राचीन महालक्ष्मी मंदिर में गुप्त नवरात्रि की पंचमी पर विशेष मनोकामना हवन का आयोजन किया गया इसमें श्री सूक्त के 108 पाठ किए गए
मन्दिर महंत श्री राजेंद्र कुमार शर्मा ने बताया इस आषाढ़ गुप्त नवरात्रि पर्व मन्दिर में पंचमी तिथि पर विशेष मनोकामना हवन का आयोजन किया जाता हैं जिसमें माता महालक्ष्मी के श्री सूक्त ,एवं कनक धारा का पाठ किया जाता है
पंडित विक्रम कुमार शर्मा ने इस हवन का विशेष महत्व बताया आषाढ़ शुक्ल पंचमी को किया जानें वाला यह हवन माता लक्ष्मी को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए किया जाता है। इस दिन की गई श्री आराधना मनोवांछित फल प्रदान करती है। ऐसा माना जाता है कि इस हवन को करने से घर में धन और समृद्धि आती है। यह व्रत आर्थिक समस्याओं से मुक्ति दिलाता है और जीवन में सुख-शांति लाता है।
इस दिन कनकधारा स्तोत्र, लक्ष्मी स्तोत्रम और श्री सूक्तम आदि स्तोत्रों का पाठ करना चाहिए।
इस हवन से माता लक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है।
– जीवन में सुख-शांति आती है।
– सौभाग्य और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।
– धन और समृद्धि में वृद्धि होती है।
– आर्थिक समस्याओं से मुक्ति मिलती है।







