पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने कहा है सीएम भजनलाल शर्मा के प्रति मेरी हमदर्दी है। पंडित भजनलाल जैसा सौभाग्य हर किसी को नहीं मिलता है। अभी इनको बने हुए डेड़ साल हुआ है, पांच साल राज करो भाई, कौन रोक रहा है आपको? हमें तो आप सूट करते हो, पंडित भजनलाल हम सबको सूट करता है। हम क्यों इनकी खिलाफत करेंगे? हम चाहेंगे ये अच्छा शासन करें, फिर तो वो जाने उनका काम जानें। गहलोत प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ गिरिजा व्यास की जयंती पर श्रद्धांजलि देने के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
मुख्यमंत्री अब पब्लिक प्रोपर्टी बनें, परिवारवाद को छोड़ दें
गहलोत ने कहा- जो सौभाग्य पंडित भजनलाल को मिला है, ऐसा सौभाग्य बहुत कम को मिलता है। पहली बार एमएलए और मुख्यमंत्री बन गए। उनको अपना परिवारवाद छोड़ देना चाहिए। मैं हमेशा बचपन से कहता था कि हम लोग पब्लिक प्रॉपर्टी हैं। आप एमएलए, एमपी मुख्यमंत्री बन जाते हो तो हम लोगों की प्रॉपर्टी हैं। जनता कभी भी आकर हमें अपनी शिकायत दे सकती है। मुख्यमंत्री को अब पब्लिक प्रोपर्टी बनने का प्रयास करना चाहिए, परिवारवाद बीच में नहीं लाए।
मेरी मुख्यमंत्री के प्रति हमदर्दी, मेरे से वे दो बार मिलने आए थे
गहलोत ने कहा- अब परिवारवाद बीच में नहीं आता है। परिवारवाद को पीछे कर दो। सच्चाई मैं बता रहा हूं। मेरी उनसे दोबार मुलाकात हुई है। मेरी उनके प्रति हमदर्दी है। यह मानव मनोविज्ञान होता है। मैं बीमार था वो मुझसे मिलने आए। मुख्यमंत्री बनते ही मेरे से मिलने आए थे। पहले परंपरा भी थी मिलने की, बीच में टूट गई । जब सीएम मिलने आए तो हमने यही बातें कीं। उन्होंने कहा था मैं पार्टी में 20 साल से काम कर रहा हूं और मुझे अनुभव है, मैं पूरे राजस्थान में नाम से कार्यकर्ताओं को जानता हूं। मुझे लगा वो उर्जा से भरपूर हैं,तो मुझे खुशी हुई। मुझे उम्मीद थी कि काम करेंगे, नया आदमी बनता है तो उर्जा रहती है। तीन चार महीने का समय लगता है लेकन अब तो डेढ़ साल का समय हो गया है।
मुख्यमत्री इंटेलीजेंस से पूरे राजस्थान की खुफिया रिपोर्ट लें, विपक्ष के मुद्दों में कितना दम है
गहलोत ने कहा- बीजेपी वाले चाल, चरित्र और चेहरे कर बातें करते थे। इनक चाल, चरित्र और चेहरा एक्सपोज हो चुका है।कितने बड़ी बड़ी बातें करते थे। इनका करप्शन बोल रहा है। लोग दुखी हैं। मुख्यमंत्री को चाहिए कि जो इनकी इंटेलिजेंस विंग है उसका उपयोग करें। एक बार राजस्थान के हालात के बारे में इंटेलिजेंस के माध्यम से चुपचाप रिपोर्ट लें। जो विपक्ष मुद्दे उठा रहा है उनमें कितना दम है, अगर दम नहीं है तो कोई बात नहीं, राजनीति कर रहे होगें। अगर दम है तो उन पर कार्रवाई करनी चाहिए।
शिकायत सुनने का सिस्टम ध्वस्त हो चुका, इंटेलीजेंस से रिपोर्ट लेकर एक्शन लें जनता का भला होगा
गहलोत ने कहा- केवल जयपुर से काम नहीं चलेगा। गांवों तक जाकर देखना होगा। गुंडागर्दी हो रही है। माफिया हावी हैं। कलेक्टर और एसपी जनसुनवाई कर रहे हैं या नहीं, इसे देखकर ठीक करवा होगा। लोग किसके पास जाकर अपनी शिकायत करें, शिकायत सुनने का का जो सिस्टम होता है वह ध्वस्त हो गया है। हमारे समय भी हो सकता है कुछ कमी रही होगी, लेकिन अब तो सरकार आपकी है। मुख्यमंत्री को 15 दिन के अंदर पूरे राजस्थान के हालात के बारे में आईबीर से रिपोर्ट लेनी चाहिए कि कौन एसपी कलेक्टर जनसुनवाई कर रहैं और कौन नहीं कर रहे? कितने कलेक्टर दौरे करते हैं, कितने रात्रि विश्राम कर रहे हैं। 15 दिन में आईबी से रिपोर्ट लेकर एक्शन करना शुरु कर दो, जनता का भला होगा।
भजनलाल को लेकर गहलोत-डोटासरा की अलग-अलग राय,डोटासरा ने कहा था- भजनलाल पांच साल सीएम नहीं रहेंगे
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पिछले शनिवार को ही कहा था कि भजनलाल शर्मा पांच साल मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। बीजेपी की सरकार पांच साल चलेगी लेकिन भजनलाल शर्मा पांच साल मुख्यमंत्री नहीं रह सकते।
गहलोत ने कहा था- भजनलाल को हटाने के लिए षडयंत्र चल रहा, तब प्रदेश प्रभारी ने कहा था- बीजेपी में पांच साल के लिए बनता है सीएम
अशोक गहलोत ने पिछले दिनों सीएम भजनलाल को हटाने के लिए बीजेपी में षडयंत्र चलने का बयान देकर सियासी चर्चाएं छेड़ दी थीं। गहलोत के बयान के बाद बीजेपी के प्रदेश प्रभारी राधा मोहनदास अग्रवाल ने कहा था कि बीजेपी में पांच साल के लिए मुख्यमंत्री चुनते हैं, बाबर बार मुख्यमंत्री नहीं बदले जाते।
बजरी पर हमारे वक्त भी तकलीफ थी, बजरी माफिया की गैंग में जो शामिल नहीं होता उसे वे कुचल देते हैं
गहलोत ने कहा- हमारे वक्त में भी बजरी को लेकर तकलीफ थी लेकिन हमने अवैध बजरी खनन रोकने की पूरी कोशिश की। बजरी खनन में ऊपर से नीचे तक बड़ा नेक्सस बना हुआ है। पुलिस पर हमले हो रहे हैं, इनकी गैंग में जो शामिल नहीं होते हैं उनको कुचल देते हैं। ये मामले बढ़ते जा रहे हैं। बजरी का मामला भी मुख्यमंत्री की प्रायोरिटी पर होना चाहिए, क्योंकि एक गरीब आदमी को भी बजरी चाहिए, अगर महंगी बजरी मिल रही है तो उसको भी नुकसान होता है ,उस पर मुख्यमंत्री को ध्यान देना चाहिए।
दौसा विधायक के यहां तीन बार चोरी हो चुकी
गहलोत ने कहा— आईपीएस की तबादला लिस्ट नहीं निकल रही है, प्रमोशन हो चुके हैं,फिर भी अफसर वहीं बैठे हैं । पहले जो आईएएस की स्थिति थी आज आईपीएस की वही स्थिति है। अब नए डीजीपी बन गए हैं फिर भी यह लिस्ट जारी नहीं हो रही है। जिस प्रकार की गवर्नेंस हो रही है उससे इन्हीं को नुकसान हो रहा है। दौसा का एमएलए खुद कह रहा है कि मेरे यहां तीन चोरियां हो गई,बाकी लोगों के क्या स्थिति हो रही होगी। प्रदेश में इतना करप्शन हो रहा है कि इनकी चाल चरित्र चेहरा एक्सपोज हो चुका है। मुख्यमंत्री के पास बहुत बड़ी ताकत होती है।






