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सरपंच पत्नी के पदभार ग्रहण नहीं होने से हुआ नाराज:साढ़े 9 घंटे तक टावर पर चढ़ा रहा पति, 3 दिन तक पंचायत भवन पर लगा रहा ताला

भीलवाड़ा जिले की पंडेर पंचायत का सरपंच पति मुकेश जाट गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। वह सरपंच पत्नी के पदभार ग्रहण नहीं होने से नाराज था। करीब साढ़े 9 घंटे तक वो टावर पर चढ़ा रहा। उपखंड अधिकारी राजकेश मीणा के समझाइश करने के बाद सरपंच पति टावर से उतरा। इसके बाद लोगों ने जयकारे लगाए।

सरपंच पति ने मांग की है कि सरपंच पत्नी को पदभार ग्रहण कराया जाए और पंचायत भवन पर ताला लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। सरपंच पति के मोबाइल टावर पर चढ़ने की सूचना पर एएसपी राजेश आर्य और एसडीएम राजकेश मीणा मौके पर पहुंचे। वहीं इससे पहले विकास अधिकारी सीताराम मीणा पंचायत भवन का ताला खोलने के लिए मौके पर पहुंचे तो वहां मौजूद समर्थकों ने प्रशासन हाय-हाय के नारे लगाए। समर्थकों ने कहा कि ताला खोलने से क्या होगा। उन्होंने सवाल किया कि 3 दिन तक पंचायत भवन पर ताला लगाने का अधिकार किसने दिया।

करीब 5 घंटे से मोबाइल टावर पर चढ़ा सरपंच पति।

3 पॉइंट्स में समझिए पूरा मामला

राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश (7 जुलाई) के बाद ग्राम पंचायत पंडेर की सरपंच और पूर्व प्रशासक ममता मुकेश जाट पदभार ग्रहण करने के लिए मंगलवार (8 जुलाई) को अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ ढोल-नगाड़ों के साथ जुलूस निकालते हुए पंचायत भवन पहुंची थी।
पंचायत भवन के मेन गेट पर ताला लगे होने से उन्हें अंदर एंट्री नहीं मिल पाई। जिससे वहां समर्थकों की भीड़ लग गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। सरपंच समर्थकों के साथ पंचायत भवन के बाहर धरने पर बैठ गई थी। सरपंच ममता ने कहा कि राजनीतिक दुर्भावना से पदभार ग्रहण करने से पहले ही वर्तमान प्रशासक और ग्राम विकास अधिकारी पंचायत भवन के गेट पर ताला लगाकर चले गए हैं।
सरपंच ने कहा कि पदभार ग्रहण करने जाने से पहले उच्च न्यायालय के आदेश को जिला कलेक्टर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी को तामील करा के आए थे। वहीं विकास अधिकारी को भी तामील कराया गया था।
सरपंच के समर्थकों से समझाइश करते पुलिस अधिकारी।

सरपंच पति ने वीडियो किया जारी सरपंच पति मुकेश जाट ने एक वीडियो जारी कर बताया कि पंडेर प्रशासक ममता जाट को 7 मई 2025 को निलंबित किया गया था, जिसके बाद राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर पहुंचे। हाईकोर्ट ने निलंबन आदेश को स्थगित कर दिया। स्थगन आदेश की कॉपी विकास अधिकारी, जिला कलेक्टर और सीओ दी गई, जिसके बाद मंगलवार को पदभार ग्रहण करने पहुंचे। जब वहां पहुंचे तो कुछ लोगों ने रौब दिखाते हुए पंचायत भवन के गेट पर ताला लगा दिया और वहां से चले गए।

3 दिन से चल रहा धरना मुकेश जाट ने कहा कि ताला लगाने के घटनाक्रम के बाद से पंचायत भवन के बाहर 3 दिन से शांति पूर्ण धरना चल रहा है, लेकिन वहां कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। धरना-प्रदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र सिंह कानावत, कांग्रेस नेता अनिल उपाध्याय, सावन टांक, बाबूलाल खटीक समेत कई कार्यकर्ता मौजूद हैं।

सरपंच पति ने मांग की है कि ताला लगाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए और सरपंच ममता जाट को पदभार ग्रहण कराया जाए। उसके बाद ही वह टावर से नीचे उतरेगा।

सरपंच पर लग चुके आरोप दरअसल, ममता मुकेश जाट पर पूर्व में पद का दुरुपयोग, अनियमितता और नियमों की अवहेलना करने जैसे आरोप लगे थे। जांच में यह प्रमाणित हुआ कि उन्होंने सामुदायिक भवन और चारदीवारी के उद्घाटन में जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं किया। शिलालेख पर नाम अंकित नहीं कराया। रोड लाइट के काम में कम सामग्री लगाकर ज्यादा भुगतान किया गया और पट्टों की पत्रावलियों में अनियमितताएं बरती गई। आरोपों के आधार पर सरकार ने 7 मई 2025 को उन्हें प्रशासक पद से हटा दिया था। इससे पहले 24 जनवरी 2025 को जिला कलेक्टर द्वारा प्रशासक नियुक्त की गई।

पंडेर सरपंच मंगलवार को पदभार ग्रहण करने पहुंचीं तो पंचायत भवन के गेट पर ताला लगा मिला।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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