जयपुर के नाहरगढ़ पहाड़ी पर दोस्तों के साथ घूमने गया युवक लापता हो गया। पार्टी करने साथ गए उसके छहों दोस्त रातभर उसको ढूंढने में जुटे रहे। भट्टा बस्ती थाना पुलिस के पब्लिक के साथ सर्च ऑपरेशन चलाकर आखिरकार लापता युवक को सुरक्षित ढूंढ निकाला। पूछताछ में लापता युवक ने बताया- वह 22 घंटे से अपने घर पहुंचने के प्रयास में भटकने के बाद निराश होकर पहाड़ी पर बैठ गया था।
थानाधिकारी (भट्टाबस्ती) हरिओम ने बताया- भट्टाबस्ती के शिवाजी नगर का रहने वाला किशोर स्वामी (40) लापता हुआ था। वह कॉलोनी में रहने वाले छह दोस्तों के साथ नाहरगढ़ पहाड़ी पर घूमने गया था। जंगल के अंदर पहाड़ियों में बैठकर सातों दोस्तों ने शराब पार्टी की। पार्टी करने के बाद वापस लौटने के लिए सभी दोस्त साथ निकले थे। रास्ते में किशोर के कुछ दूरी पहले रुकने के कारण दोस्तों से बिछड़ गया। पार्टी करने के बाद छहों दोस्त नाहरगढ़ घूमकर वापस आ गए। कॉलोनी में पहुंचने के बाद किशोर स्वामी गायब मिला। नाहरगढ़ पहाड़ियों से उतरकर वापस नहीं लौटने का एहसास होने पर दोस्तों ने उसे ढूंढने का निर्णय लिया। कॉलोनी वासियों के साथ मिलकर छह दोस्त उसे रात के अंधेरे में ढूंढने निकले। रातभर ढूंढने के बाद भी जंगल में मौजूद पहाड़ियों पर लापता किशोर स्वामी का पता नहीं चला।
पुलिस टीम के साथ चलाया सर्च ऑपरेशन
बुधवार दोपहर करीब 11 बजे स्थानीय लोगों के साथ लापता किशोर के परिजन भट्टाबस्ती थाने पहुंचे। नाहरगढ़ पहाड़ी पर घूमने गए अपने बेटे के जंगल में लापता होने की शिकायत दी। थानाधिकारी हरिओम ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत टीम बनाई। पुलिस के करीब 12-13 जवानों ने स्थानीय लोगों की मदद से नाहरगढ़ पहाड़ियों में लापता किशोर स्वामी की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया। करीब 4 घंटे चले सर्च ऑपरेशन के बाद पुलिस टीम को लापता किशोर स्वामी एक पहाड़ी पर बैठा मिला।
सीढ़ी लगाकर नीचे उतारा
पुलिस टीम ने लोगों की मदद से लकड़ी की सीढ़ियां जोड़कर पहाड़ी पर लगाकर काफी मशक्कत के बाद उसे नीचे उतारा। लापता किशोर स्वामी को सुरक्षित ढूंढ़कर निकालने के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली। पूछताछ में किशोर स्वामी ने बताया कि वह रास्ता भटक गया था। घर जाने के प्रयास में वह पहाड़ियों पर ही इधर-उधर भटकता रहा। झाड़ियों में फंसाने के साथ ही ऊंची पहाड़ियों से नीचे उतरना बहुत मुश्किल था। बचने के लिए रातभर जोर-जोर से आवाज लगाता रहा, लेकिन उसकी आवाज किसी ने नहीं सुनी। करीब 22 घंटे भटकने के बाद निराश होकर पहाड़ी की चट्टान पर बैठ गया। ढूंढते आए पुलिस टीम व लोगों की आवाज सुनकर चिल्लाकर मदद मांगकर जान बचाई।






