उदयपुर के सुखेर थाना क्षेत्र में जॉब दिलाने के नाम पर युवाओं से रुपए ऐंठने और नहीं देने पर बंदी बनाकर प्रताड़ित करने का मामला सामने आया है। पीड़ितों ने इस संबंध में सुखेर थाने में मामला दर्ज कराया है। जिसमें बताया कि उन्होंने मीरा नगर स्थित ट्रेडेस्टिक वेंचर्स प्रा.लि. नाम की कंपनी से उनके पास जॉब दिलाने के लिए कॉल आया। उन्हें कपड़े ऑनलाइन और ऑफलाइन बेचने का काम बताया। इसके लिए 4 दिन की ट्रेनिंग दी।
फिर रजिस्ट्रेशन के नाम पर 41500 रुपए वसूले। कुछ गरीब युवा पैसे नहीं दे पाए तो उन्हें कमरे में बंदी बना लिया। उनके मोबाइल ले लिए। घर से पैसे मंगवाने का दबाव बनाकर प्रताड़ित किया। ऐसे में कुछ युवक चोरी छिपे वहां से भाग निकले। जिन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस जब कंपनी के दफ्तर पहुंची तो मौके पर कोई नहीं मिला। थानाधिकारी रविन्द्र चारण ने बताया कि कुछ युवाओं ने एक कंपनी के खिलाफ जॉब रजिस्ट्रेशन के नाम पर रुपए ऐंठने और नहीं देने पर बंदी बनाने का आरोप लगाया है। मामले की जांच कर रहे हैं।
20 से 25 हजार सैलेरी का दिया लालच
पीड़ित संजय कुमार निनामा निवासी प्रतापगढ़ ने बताया कि कुसुम मीणा नाम की महिला ने फोन करके जॉब का लालच दिया। 20 से 25 हजार सैलेरी बताई। मैं उनके दफ्तर गया तो मुझे 4 दिन की ट्रेनिंग दी, फिर रजिस्ट्रेशन के नाम पर 41500 रुपए जमा कराने को कहा। मेरे पास 10 हजार रुपए थे, वो जमा करा दिए। इसके बाद मुझे एक कमरे में बंद कर दिया। कंपनी कर्मचारियों ने पैसे जमा कराने का दबाव बनाया।
वहीं, लड़की नर्मदा और पारस ने बताया कि हमें कंपनी ने जॉब के नाम पर झूठ बोला। हमसे 41500 रुपए ले लिए। एक समय खाना देते थे और बाहर नहीं आने देते। हम रात 3 बजे छिपकर वहां से भागे। प्रशासन से गुजारिश है कि हमारे पैसे वापस दिलाए जाएं और कंपनी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
पैसे दिए और जॉब भी नहीं मिली: कोटेड़
बीएपी प्रदेश प्रवक्ता अरविंद कोटेड़ ने बताया कि कुछ युवक-युवतियों ने मुझे इस घटना के बारे में बताया तो मैंने उनके साथ सुखेर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। कंपनी ने बेरोजगार युवाओं को जॉब का लालच देकर रुपए ऐंठे है। रजिस्ट्रेशन के नाम पर गरीब बेरोजगारों से 41500 रुपए ले लिए और जॉब भी नहीं मिली। पैसे नहीं देने पर उन्हें बंदी बना लिया गया।





