जिला कलेक्टर डीग उत्सव कौशल की अध्यक्षता में सोमवार को पंचायत समिति सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। श्री कौशल ने बजट घोषणाओं, फलेगशिप योजनाओं, गिव अप अभियान सहित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होने अन्य सभी विभागों की फ्लैगशिप योजनाओं की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने प्रत्येक बजट घोषणाओं को लेकर विभाग स्तर पर अब तक की गई कार्यवाही की विस्तृत जानकारी ली। वहीं मुख्यालय स्तर पर अपेक्षित कार्यवाही का भी फीडबैक लिया।
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा रखें सर्वोपरि, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर भी रखें ध्यान
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि विद्यालयों के जर्जर भवनों को लेकर पूरी तरह गंभीरता बरतें एवं जर्जर भवनों में किसी हाल में कक्षाओं का संचालन नहीं हो। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखें,उन्होंने विद्यालयों में स्टाफ के अटेंडेंस सिस्टम और उसकी समीक्षा आदि को लेकर पूछा। इसके अलावा शिक्षा विभाग की अन्य योजनाओं की समीक्षा की। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग से दिए जा रहे उपचार एवं प्रमुख समस्याओं पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आमजन को उपचार में किसी भी प्रकार से परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की अन्य योजनाओं की समीक्षा की। वही हरियालो राजस्थान अभियान में डीग जिले में निर्धारित लक्ष्य से अधिक वृक्षारोपण होने पर उन्होंने सभी अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि हमें पौधारोपण तक सीमित न रहकर उनकी सुरक्षा एवं देखभाल की जिम्मेदारी भी संबंधित इकाइयों द्वारा सुनिश्चित करनी है।
इस दौरान डीडब्लूएसएम की बैठक भी की गई। लंबित पड़े विद्युत कनेक्शन के संबंध में जेवीवीएनएल के अधिकारियों एवं पीएचईडी विभाग को निर्देशित किया कि वे आपसी समन्वय स्थापित कर शीघ्र ही कनेक्शन जारी करे तथा आवश्यकता पड़ने पर एसडीएम से पुलिस जाब्ता की सहायता लेकर लंबित कनेक्शन को जल्दी से जल्दी जारी करे। इसके अलावा उन्होंने एफएचटीसी की प्रगति पर असंतोष्ट प्रकट करते हुए आंकड़ों को सुधारने एवं आंगनबाड़ी व स्कूल में शत प्रतिशत कनेक्शन जारी करने की बात कही। उन्होंने जर्जर पीएचईडी भवनों के चिन्हीकरण करने के भी निर्देश दिए एवं क्षतिग्रस्त पाए जाने पर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने की बात कही। वही नल जल मित्र के नाम जो पंचायतों से प्राप्त हुए है उनके वेरिफिकेशन हेतु जिला परिषद में कमेटी स्थापित कर अतिशीघ्र अग्रिम कार्यवाही के लिए निर्देशित किया।






