जयपुर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। गोविंद देवजी मंदिर में आज शनिवार तड़के से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है। सुबह 4:30 बजे से मंगला झांकी के साथ दर्शन शुरू हो गए। ठाकुर जी आज साल में सबसे ज्यादा 13 घंटे दर्शन देंगे।
जयपुर आराध्य श्री गोविंददेवजी का विशेष श्रृंगार किया गया है। भगवान को नए पीत वस्त्र धारण कराया गया है। ठाकुर जी की मंगला आरती, ग्वाल आरती में हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।
मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की है। दर्शन के लिए चार अलग-अलग लाइनें बनाई गई हैं। इनमें पासधारक, बिना जूते-चप्पल वाले आमजन, जूता-चप्पल पहने आमजन और जगमोहन श्रेणी शामिल हैं। जलेब चौक से मंदिर तक दर्शनार्थियों की कतार देखी जा सकती है।

सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक हजार से अधिक कार्यकर्ता और पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। दस मेटल डिटेक्टर, सीसीटीवी कैमरे और कंट्रोल रूम की व्यवस्था की गई है। भीड़ और मौसम को देखते हुए शेड और एलईडी स्क्रीन भी लगाई गई हैं।
शहर के अन्य प्रमुख मंदिरों में भी जन्माष्टमी का उत्सव मनाया जा रहा है। गोपीनाथ जी, राधा दामोदर जी, ब्रजनिधि और आनंद कृष्ण बिहारी मंदिर में विशेष आयोजन हो रहे हैं। श्री कृष्ण बलराम मंदिर में कर्नाटक से मंगवाए गए पुष्पों से भगवान का श्रृंगार किया गया है। गुप्त वृंदावन धाम मंदिर में रंग-बिरंगी रोशनी की गई है। यहां अर्धरात्रि को महाआरती की जाएगी।
श्री राधा दामोदर मंदिर में जन्माष्टमी उत्सव पर आज विशेष आयोजन
वहीं चौड़ा रास्ता स्थित श्री राधा दामोदर मंदिर में जन्माष्टमी उत्सव पर आज विशेष आयोजन हुए। मंदिर में ठाकुर जी का स्वरूप ढाई साल के बालक के रूप में विराजमान है। इसी कारण यहां जन्माष्टमी का उत्सव परंपरा अनुसार दिन में मनाया जाता है और शाम को नंदोत्सव होता है। यह परंपरा परमार वृंदावन से करीब 500 सालों से चली आ रही है और जयपुर में पिछले 300 सालों से निभाई जा रही है।

दिन में भगवान का मनाया गया जन्मोत्सव मंदिर पुजारी मलय गोस्वामी ने बताया कि उत्सव की शुरुआत सुबह 5:30 बजे मंगला आरती से हुई। इसके बाद श्रृंगार दर्शन सुबह 7:30 से 10:30 बजे तक रहे। सुबह 11 बजे जन्म व्रत कथा हुई और दोपहर 12 बजे से जन्मोत्सव आरंभ हुआ। इस दौरान जगमोहन में विशेष झांकी सजाई गई। ठाकुर जी का सर्व सिद्धि, पांचगव्य और पंचामृत से अभिषेक किया गया, जो करीब 1 घंटे तक चला। झांकी में माखन-मिश्री, धनिए की पंजीरी और छप्पन भोग सजाए गए। दोपहर 1:30 बजे महाआरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया।
जन्मोत्सव पर ठाकुर जी को झूले में विराजमान किया गया और उन्हें पीले रंग की नई अधिवास पोशाक धारण कराई गई। मंदिर परिसर के बाहर आतिशबाजी हुई और 21 तोपों की सलामी दी गई। वहीं जिया बैंड की प्रस्तुति ने माहौल को और भक्तिमय बना दिया।

शाम को मनाया जाएगा नंदोत्सव परंपरा अनुसार ठाकुर जी का नंदोत्सव आज शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक होगा। इस दौरान भक्तगण भजन-कीर्तन करेंगे और विशेष झांकियों के दर्शन करेंगे।






