राजेश पायलट किसान संगठन ने जयपुर स्थित विधायक आवास पर प्रेसवार्ता की जिसमें उन्होंने कहा हमने दिनांक 28 जुलाई को सरकार को एक ज्ञापन सौंपा था जिसमें हमने तीन प्रमुख मुद्दों को उठाया था,जो सीधे तौर पर आम जनता के जीवन से जुड़े हुए हैं।
सरकार द्वारा बिना जनसंवाद के स्मार्ट मीटर थोपना,एक जनविरोधी कदम है। यह मीटर गरीब,किसान,मजदूर और मध्यम वर्ग की जेब पर सीधा आघात है।
जहां पहले बिजली के बिलों में कुछ स्थायित्व था,वहीं अब अचानक बिल कई गुना बढ़कर आ रहे हैं।किसानों की सिंचाई पर सीधा असर पड़ा है।ग्रामीण क्षेत्रों में तो कई लोग समझ ही नहीं पा रहे कि ये मीटर काम कैसे करते हैं और फिर उन्हें हजारों के बिल थमा दिए जाते हैं।
इस दौरान उन्होंने कहा की हम सरकार से स्पष्ट और दो टूक मांग करते हैं स्मार्ट मीटर योजना को तत्काल प्रभाव से स्थगित किया जाए।शिक्षा किसी भी समाज की रीढ़ होती है,लेकिन हमारे प्रदेश के कई विद्यालय आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।छतें टपक रही हैं, दीवारें गिरने की कगार पर हैं,शौचालयों की हालत दयनीय है और शिक्षकों की भारी कमी है।उदयपुर में हाल ही में जो दुखद घटना हुई,जिसमें एक छात्र की मृत्यु हो गई और दो बच्चे घायल हो गए – वह एक चेतावनी है।कितनी और जाने जाएंगी? कब जागेगी सरकार?
राज्य सरकार तत्काल प्रभाव से सभी जर्जर स्कूलों की सूची जारी करे और 3 माह के भीतर मरम्मत कार्य सुनिश्चित करे।खेती किसान की आजीविका है, लेकिन आज वह यूरिया के लिए घंटों लाइन में खड़ा है।काला बाज़ारी खुलेआम हो रही है लेकिन प्रशासन मौन है।हमारे पास प्रमाण हैं कि कैसे कुछ व्यापारी यूरिया को जमा कर अधिक दामों पर बेच रहे हैं और असल किसान खाली हाथ लौट रहे हैं।यूरिया वितरण व्यवस्था पारदर्शी की जाए,किसानों को सीधे लाभ दिया जाए और कालाबाजारी करने वालों पर सख्त कानूनी कार्यवाही हो।साथ ही उन्होंने चेतावनी भी दी जिसमें 1 तारीख को मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे
हमने सरकार को ज्ञापन सौंपा,लेकिन आज तक कोई उत्तर नहीं मिला।यह सरकार की संवेदनहीनता और अहंकार को दर्शाता है।इसलिए हम आज घोषणा करते हैं कि यदि 1 तारीख तक सरकार इन तीनों जनहित के मुद्दों पर कोई ठोस कार्यवाही नहीं करती है,तो हम 1 तारीख को मुख्यमंत्री निवास का घेराव करेंगे।
यह घेराव शांतिपूर्ण,लोकतांत्रिक और संविधान सम्मत होगा लेकिन यह जनसैलाब सरकार को यह याद दिलाने आएगा कि वह जनता की सेवा के लिए है,शोषण के लिए नहीं।हम इस आंदोलन को केवल एक विरोध नहीं,बल्कि जन-जागरण का अभियान मानते हैं।
हम किसानों के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं,हम बच्चों की जान की सुरक्षा के लिए बोल रहे हैं,हम गरीब जनता की आर्थिक लूट के खिलाफ खड़े हैं।
साथ ही उन्होंने कहा की आप जनता की आंख और कान हैं और आपके माध्यम से ही सच सामने आता है।इसलिए कृपया इन मुद्दों को प्रमुखता दें ताकि सरकार पर दबाव बने और जनता को न्याय मिल सके।इस मौके पर संस्थापक अध्यक्ष चौधरी रामकेश दिवाकर,राजस्थान मीडिया प्रभारी अंकित बैंसला,प्रदेश महासचिव लटुरमल,महासचिव वेदप्रकाश गुर्जर,सवाईमाधोपुर ज़िला अध्यक्ष दिनेश कुसलपुरा,सहसचिव रुपसिंह आवाना,दयाराम,राजस्थान महासचिव संतोष मीणा,रुपसिंह गुर्जर, जितेंद्र हिंडोन,हनुमान टोंक इसके साथ- साथ अन्य कार्यकर्तगण मौजूद रहे।





