हवामहल से विधायक बालमुकुंद आचार्य का एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में वह एक निजी अवॉर्ड समारोह को संबोधित करने के बाद मंच से भारत माता की जय और वंदे मातरम का नारा लगवा रहे थे। इस दौरान सामने बैठे लोगों में एक मुस्लिम युवक ने वंदे मातरम का नारा नहीं लगाया। इस पर विधायक भड़क गए।
बालमुकुंद आचार्य रविवार को पूरे भारत से आए हुए टॉप मोस्ट 50 स्कूल डायरेक्टर और 100 टीचर्स के सम्मान समारोह में बोल रहे थे। जो जयपुर के होटल में आयोजित हुआ था।
विधायक ने कहा- यह व्यक्ति अपना परिचय खुद दे रहा है कि मैं वंदे मातरम नहीं बोलूंगा। भारत माता की जय नहीं बोलूंगा। देश का खाऊंगा, देश में रहूंगा। लेकिन देश के हित में कभी चर्चा नहीं करूंगा। यह इनका परिचय है। इसलिए इस बात को आप लोग भी समझें।
दूसरी दुनिया से आए हो क्या
विधायक बालमुकुंद आचार्य ने सामने बैठे लोगों में मुस्लिम युवक की ओर इशारा करके कहा- भाई साहब बाहर से आए हो क्या? आप यह पीछे नीली शर्ट वाले आप बाहर से आए हो क्या? दूसरी दुनिया से आए हो क्या?
विधायक ने फिर नारा लगवाया, बोलो वंदे मातरम। युवक ने नारा नहीं लगाया तो विधायक ने कहा- कहां से आए यह लोग। अरे देश के नहीं हो क्या? देश के नहीं हो क्या? कहां से आए हो? क्या नाम है आपका?
युवक ने अपना नाम मोहम्मद राशिद बताया। विधायक ने फिर कहा- कहां से आए हो, युवक ने कहा- महाराष्ट्र से। विधायक ने फिर नारा लगवाया वंदे मातरम, भारत माता की जय।
आपको धरती और भारत में विश्वास नहीं
वंदे मातरम बोलने में आपको क्या समस्या है। वंदे मातरम का मतलब क्या होता है। मेरी मां को, मेरी धरती माता को, मैं वंदन करता हूं। प्रणाम करता हूं। नमन करता हूं। आपको धरती और भारत में विश्वास नहीं है। तिरंगे में विश्वास नहीं है।
विधायक बोले- इस देश में रहते और खाते, देश के खिलाफ उगलते हैं
फिर विधायक ने नारा लगवाया। भारत माता की जय, वंदे मातरम। नहीं बोलेंगे साहब आज भी देश में कुछ इस मानसिकता के लोग हैं। जो इस देश में रहते हैं, इस देश का खाते हैं। लेकिन देश के खिलाफ उगलते हैं। देश के खिलाफ रहते हैं।
यह व्यक्ति स्वयं अपना परिचय दे रहा है। मोहम्मद नाम है, इसका जो भी नाम है। यह अपना परिचय खुद दे रहा है कि मैं वंदे मातरम नहीं बोलूंगा। भारत माता की जय नही बोलूंगा। देश का खाऊंगा, देश में रहूंगा। लेकिन देश के हित में कभी मैं चर्चा नहीं करूंगा। यह परिचय है, इसलिए इस बात को भी आप लोग समझें।






