जयपुर। आम आदमी पार्टी ने राजधानी जयपुर स्थित एसएमएस अस्पताल के ट्रोमा सेंटर आईसीयू में लगी आग की घटना को “योजनाबद्ध षड्यंत्र” करार दिया है। पार्टी का कहना है कि यह कोई सामान्य हादसा नहीं, बल्कि कफ सिरप कांड में सरकार और अधिकारियों की लापरवाही से उपजे जनाक्रोश को दबाने की राजनीतिक साजिश है।
पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि जिस केयसंस फार्मा कंपनी की कफ सिरप से प्रदेश में मासूम बच्चों की मौत हुई, उस पर ठोस कार्रवाई करने के बजाय सरकार अब जनता का ध्यान भटकाने के लिए नए नाटक रच रही है। भ्रष्टाचार, लापरवाही और मिलीभगत को छिपाने के लिए यह घटना सुनियोजित प्रतीत होती है।
प्रदेश प्रभारी धीरज टोकस ने कहा — “यह बेहद शर्मनाक है कि सरकार अपनी नाकामियों पर पर्दा डालने के लिए अब अस्पताल जैसी संवेदनशील जगहों पर सुरक्षा के साथ खिलवाड़ कर रही है। ट्रोमा सेंटर में आग लगना कोई आकस्मिक घटना नहीं बल्कि गंभीर षड्यंत्र और लापरवाही का परिणाम है। अगर यह हादसा नहीं, तो जिम्मेदार अधिकारी अब तक सलाखों के पीछे क्यों नहीं हैं?”
सहप्रभारी घनेंद्र भारद्वाज ने कहा “कफ सिरप से हुई मासूम बच्चों की मौतों पर जनता जवाब मांग रही थी। लेकिन जवाब देने की बजाय सरकार ने नया ड्रामा खड़ा कर दिया ताकि जनता का ध्यान असली मुद्दे से हट जाए। यह सरकार की पुरानी नीति है — जब भी घिरती है, तब कोई नया संकट खड़ा कर देती है।”

पार्टी के पूर्व मीडिया प्रभारी अभिषेक जैन बिट्टू ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पार्टी कार्यकर्ता आशुतोष रांका, अमित दाधीच, प्रशांत जयसवाल, धीरज जैन सहित कई अन्य साथी मौके पर पहुंचे और अस्पताल प्रशासन को हर संभव सहयोग प्रदान किया।
आम आदमी पार्टी ने मांग की है कि ट्रोमा सेंटर आईसीयू आग प्रकरण की न्यायिक जांच कराई जाए, जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और कफ सिरप कांड के सभी दोषियों को सार्वजनिक रूप से बेनकाब किया जाए और स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खीवसर तत्काल प्रभाव से अपने पद से इस्तीफा देवे और अपनी इंसानियत साबित करे।





