राजस्थान यूनिवर्सिटी में RSS के शस्त्र पूजन कार्यक्रम में हंगामा करने वाले एनएसयूआई के प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित 3 छात्र नेताओं की जमानत ट्रायल कोर्ट के बाद एडीजे कोर्ट ने भी खारिज कर दी है।
जाली नोट मामलों की विशेष अदालत ने आज एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़, किशोर चौधरी और महेश कुमार की जमानत खारिज कर दी। वहीं, 6 अन्य आरोपियों रामसिंह सामोता, मनीष मेघवंशी, विकास, साहिल, अक्षय सैनी और राकेश सैनी की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।
आरोपियों की ओर से कहा गया कि हमें राजनीतिक दुर्भावना से मामले में झूठा फंसाया गया है। हमने गांधीवादी तरीके से राजनीतिक उद्देश्य से शिक्षा के मंदिर में आयोजित कार्यक्रम का विरोध किया था।

एक अक्टूबर को हुई थी गिरफ्तारी
दरअसल, एक अक्टूबर को राजस्थान यूनिवर्सिटी में RSS के शस्त्र पूजन कार्यक्रम में हंगामा हो गया था। इसमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्रीय प्रचारक निंबाराम बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने वाले थे। इस आयोजन का विरोध करते हुए NSUI कार्यकर्ता आयोजन स्थल (स्टेज) पर पहुंच गए और तोड़फोड़ शुरू कर दी।
दोनों संगठनों के कार्यकर्ता आमने-सामने हो गए। पुलिस ने बारिश के बीच लाठीचार्ज कर कार्यकर्ताओं को खदेड़ा।
पुलिस ने 12 एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को पहले शांति भंग में गिरफ्तार किया। लेकिन उसके बाद 9 कार्यकर्ताओं को धार्मिक भावनाओं को आहत करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और राजकार्य में बाधा डालने की धाराओं में मामला दर्ज किया।






