कोटा शहर साइबर क्राइम पुलिस ने कास्टिंग और मॉडलिंग के नाम पर साइबर धोखाधड़ी करने वाले गिरोह पर शिकंजा कस दिया है। इस मामले में पुलिस ने पहले गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी दीपक मीणा उर्फ दक्ष को फर्जी सिम कार्ड बेचने वाले दूसरे अभियुक्त भोला बराता को गिरफ्तार किया है।
जिला पुलिस अधीक्षक तेजस्वनी गौतम ने बताया कि आरोपी भोला बराता पुत्र रामा मराठा (20) निवासी पुरानी सब्जी मंडी कोटा शहर को मुख्य आरोपी दीपक मीणा की सूचना पर सोमवार को कोतवाली क्षेत्र कोटा शहर से पकड़ा गया।
इस साइबर ठगी का मास्टरमाइंड दीपक मीणा उर्फ दक्ष था। उसने अपने मोबाइल पर फर्जी कास्टिंग कंपनी के अकाउंट (the_white_studio-casting, 2000_casting_company, आदि) बना रखे थे। दीपक मीणा नन्दिनी श्रीकांत और यश नागरकोटी जैसे छद्म नामों से व्हाट्सएप बिजनेस अकाउंट बनाकर 18 से 25 साल की लड़कियों से चैट करता था। वह उन्हें काम दिलाने का झांसा देकर प्रवंचित करता और ई-मित्र के माध्यम से नकद प्राप्त कर ठगी करता था।
ठगी में इस्तेमाल होने वाली चार मोबाइल सिम भोला बराता ने दीपक मीणा को उपलब्ध करवाई थीं। भोला बराता ने ये सिम अपने परिचितों पत्नी, चचेरे भाई, मौसेरी बहन को बहला फुसलाकर उनके नाम से कोटा शहर के बोरखेड़ा इलाके से निकलवाई थीं। भोला ने ये सिम ₹1200 प्रति सिम के हिसाब से कुल ₹4800 में दीपक मीणा को बेची थीं। एक सिम पर स्पैम रिपोर्ट होने पर भोला द्वारा उपलब्ध करवाई गई नई सिम उपयोग में ली जाती थी।
एसपी गौतम ने बताया कि यह मामला तब सामने आया जब फरियादी ई-मित्र संचालक समीर ने 21 सितम्बर को रिपोर्ट दर्ज कराई कि दीपक मीणा उसके अकाउंट में ऑनलाइन रुपए डलवाकर नगद ले जाता था, जिससे उसके अकाउंट पर अलग-अलग जगह से साइबर फ्रॉड की शिकायतें आईं। इस पर बीएनएस व आइटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर अनुसंधान किया गया।
थाना साइबर में पुलिस निरीक्षक सतीश चंद और उनकी टीम ने फ्रॉड का शिकार हुए ई-मित्र संचालकों और ठगी गई लड़कियों से पूछताछ के बाद आरोपी दीपक मीणा को गिरफ्तार किया, जिससे पूछताछ के बाद भोला बराता को डिटेन कर गिरफ्तार किया गया। आरोपी भोला ने मौज-शौक और नशा करने के लिए ये सिम बेची थी।
गिरफ्तार किए गए दोनों अभियुक्तों को न्यायालय में पेश कर जेसी रिमांड पर कारागृह कोटा शहर भेज दिया गया है। पुलिस उनके बैंक खातों और उपयोग में लिए गए मोबाइल्स के बारे में आगे की जांच कर रही है। इस कार्रवाई में एसआई सियाराम, कांस्टेबल विकाश कुमार जितेन्द्र चौधरी और मनोज भी शामिल थे।






