Home » राजस्थान » बेकाबू कार पुल की दीवार से टकराई, पति-पत्नी की मौत:बेटा-बहू और दो पोते बचे, खाटूश्याम जी के दर्शन कर लौटते समय हुआ हादसा

बेकाबू कार पुल की दीवार से टकराई, पति-पत्नी की मौत:बेटा-बहू और दो पोते बचे, खाटूश्याम जी के दर्शन कर लौटते समय हुआ हादसा

भीलवाड़ा में खाटू श्यामजी के दर्शन कर लौट रहे परिवार की बोलेरो गाड़ी हाईवे पर पुल की सुरक्षा दीवार से टकरा गई। हादसे में पति-पत्नी की मौके पर मौत हो गई, जबकि बेटा-बहू और दो पोते रूप से घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है।

हादसा आसींद में नेशनल हाईवे 148-D पर गुरुवार सुबह करीब 5:30 बजे हुआ।

नीलगाय के सामने आने से बेकाबू हुई कार

शंभूगढ़ SHO मोतीलाल रायका ने बताया- कार सवार सभी लोग खाटू श्यामजी (सीकर) के दर्शन करने गए थे। वहां से लौटते समय शंभूगढ़ थाना क्षेत्र के दुल्हेपुरा चौराहे और बालापुरा पेट्रोल के बीच हाईवे पर हादसा हो गया। नीलगाय के अचानक सामने आने से कार बेकाबू होकर पुल की सुरक्षा दीवार से टकरा गई। हादसा इतना भीषण था कि भीलवाड़ा जिले के करेड़ा क्षेत्र के डोट खेड़ा निवासी शांति लाल (55) और उनकी पत्नी पुष्पा देवी (50) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं बेटा राकेश (32), बहू सीमा (31), पोता अंशुल (5) और अभिषेक (3) घायल हो गए।

सूचना पर पहुंची शंभूगढ़ पुलिस चारों को आसींद CHC लेकर गई, जहां शांति लाल और उनकी पत्नी पुष्पा को मृत घोषित कर दिया गया। वहीं घायल बेटा और बहू का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

एयरबैग से भी नहीं बची जान

बोलेरो गाड़ी बेकाबू होने के बाद पुल की सुरक्षा दीवार से टकराकर रुक गई। जिससे नीचे गिरने बच गई। लेकिन टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ी के आगे का हिस्सा बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। गाड़ी को शांति लाल ड्राइवर कर रहे और आगे पास वाली सीट पर उनकी पत्नी पुष्पा बैठी थी। दीवार से टकराने के बाद गाड़ी में एयरबैग खुले, लेकिन जान नहीं बच सकी। दोनों ने मौके पर दम तोड़ दिया। जबकि पीछे बैठे बेटा-बहू और दो पोतो को मामूली चोट आई है।

हादसे में मामूली घायल हुए राकेश (32), पत्नी सीमा (31), बेटा अंशुल (5) और अभिषेक (3) को आसींद CHC में भर्ती कराया गया।
हादसे में मामूली घायल हुए राकेश (32), पत्नी सीमा (31), बेटा अंशुल (5) और अभिषेक (3) को आसींद CHC में भर्ती कराया गया।

एक दिन पहले सूरत से आया था बेटा

जानकारी के अनुसार शांति लाल गाड़ी ड्राइव करने का काम करते थे। वहीं बेटा राकेश सूरत (गुजरात) में इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स का बिजनेस करता है। माता-पिता से मिलने के लिए बुधवार (5 नवंबर) को ही पत्नी और दो बेटों के साथ आया था। इसके बाद सभी ने खाटूश्यामजी के दर्शन का प्लान बनाया था।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

0
0

RELATED LATEST NEWS

infoverse academy

Top Headlines

कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने किया जिले की नाबार्ड समर्थित परियोजनाओं का निरीक्षण

कलेक्टर देवेंद्र कुमार ने कहा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रही नई गति न्यूज इन राजस्थान नागौर/जयपुर सुनील शर्मा जिला कलेक्टर