हत्या के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या- दो अदालत ने मृतक शिवराज के भाई और भाभी को दोषी करार देते हुए दोनों को आजीवन कारावास की सजा और बीस-बीस हजार रुपए जुर्माना से दंडित किया है। दंपती ने मिलकर नशे में धुत्त शिवराज की लाठी से पीट-पीट कर हत्या कर दी थी। वारदात का प्रत्यक्षदर्शी और प्रकरण का मुख्य गवाह मृतक शिवराज का पिता अशोक इस मामले में अदालत में पक्षद्रोही हो गया था।
विशिष्ट लोक अभियोजक अशोक अग्रवाल ने बताया कि इस मामले में माकड़वाली पदमपुरा रोड निवासी आरोपी राम रतन पुत्र अशोक और उसकी पत्नी सीमा को आजीवन कारावास और 20-20 हजार रुपए अर्थ दंड की सजा सुनाई गई है। प्रकरण के अनुसार मृतक शिवराज की पत्नी नीलम ने क्रिश्चियन गंज थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 12 मार्च 2022 को शाम करीब साढ़े सात बजे पति शिवराज नशे में धुत्त थे। वे ससुर अशोक से ठेकेदारी के संबंध में लेनदेन को लेकर बातचीत कर रहे थे।
नशे में शिवराज तेज आवाज में बात कर रहा था, इससे नाराज देवरानी सीमा पत्नी रामरतन ने उसे शोर मचाने और गाली गलौज करने से मना किया था। शिवराज और सीमा के बीच कहासुनी हो गई। सीमा ने कमरे से दांतरी लाकर शिवराज पर हमला कर दिया। बाद में वह समझाबुझा कर शिवराज को बाहर ले आई। इसके बाद भी शिवराज का चिल्लाना बंद नहीं हुआ।
सीमा ने फोन कॉल कर अपने पति रामरतन को बुला लिया। दोनों ने लाठी से पीट-पीट कर शिवराज की हत्या कर दी। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से पेश किए गए गवाह, दस्तावेजी साक्ष्य से सहमत होते हुए अदालत ने आरोपी रामरतन और उसकी पत्नी सीमा को हत्या का दोषी ठहराया और सजा सुनाई।






