अजमेर के पास बुबाणी ग्राम पंचायत के खोडा गांव में अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने आज सुबह एक डंपर को रोककर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर गेगल पुलिस थाना का जाप्ता मौके पर पहुंचा।
ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि खोडा गांव से डंपर न निकाले जाएं। उनका आरोप है कि बुबाणी की खानों में होने वाले ब्लास्टिंग से खोडा गांव के मकानों में दरारें आ गई हैं। तेज रफ्तार से डंपर निकालने के कारण दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
भागचंद देवासी ने बताया कि खोडा गणेश का प्राचीन मंदिर अवैध खनन से क्षतिग्रस्त हो रहा है। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन को इसकी जानकारी दी है, लेकिन अवैध खनन करने वालों के हौसले बुलंद हैं और कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
भागचंद देवासी, रतन सिंह, सुरेश योगी, भवानी सिंह, दीपू सिंह, राजवीर सिंह, पाबूजी रेबारी, नंदू सिंह, महावीर सिंह, कजोड़ सिंह, गिरधारी जी रेबारी, प्रवीण शर्मा और शेर सिंह सहित कई ग्रामीणों ने बताया कि खोडा गणेश अजमेर जिले का पहला मंदिर है, जहां पूरे जिले से श्रद्धालु आते हैं। डंपर चालक लापरवाही से वाहन चलाते हैं, जिससे कई बार श्रद्धालुओं के साथ दुर्घटनाएं हो चुकी हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो वे आंदोलन करेंगे। गेगल थाना अधिकारी नरपत बानो ने बताया कि डंपर को थाने लाया गया है और उसे जब्त कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
धनजी देवासी ने बताया कि दो दिन पहले भी एक डंपर चालक ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए दस बकरियों को कुचल दिया था, जिससे ग्रामीणों में और भी आक्रोश है। ग्रामीणों ने बकरियों को कुचलने वाले डंपर चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।





