अलवर में 15 साल की नाबालिग से रेप के आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई गई है। 47 हजार रुपए के आर्थिक दंड से दंडित भी किया गया है। विशिष्ट न्यायाधीश (पोक्सो अधिनियम संख्या-4) हिमांकनी गौड़ ने फैसला सुनाते हुए कहा-
पोक्सो अधिनियम का उद्देश्य बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देना है। ऐसे मामलों में कठोर दंड समाज को चेतावनी देने के लिए आवश्यक है।

कोर्ट ने पीड़िता को 2 लाख रुपए प्रतिकर दिलवाने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को अनुशंसा भी की है।
आरोपी ने फरीदाबाद में की थी वारदात सरकारी वकील प्रशांत यादव ने बताया- 6 जुलाई 2024 को पीड़िता के पिता ने टपूकड़ा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया था कि 5 जुलाई की रात आरोपी अरबाज निवासी हरियाणा अपने साथी के साथ उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर फरीदाबाद ले गया। वहां आरोपी ने तीन से चार दिनों तक बच्ची से रेप किया।
पुलिस ने मामला दर्ज कर बच्ची को बरामद कर उसके बयान दर्ज किए। जांच में आरोपी के खिलाफ रेप के आरोप पुख्ता पाए जाने पर कोर्ट में चालान पेश किया।
अभियोजन पक्ष की ओर से 18 गवाह और 30 दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। सभी पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई।





