भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में संचालित ‘विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम-2026’ के प्रभावी क्रियान्वयन, पारदर्शिता और जन-सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से शनिवार को उपखंड कार्यालय, नगर में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ), नगर की अध्यक्षता में संपन्न हुई इस बैठक में विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
पुनरीक्षण कार्यक्रम की बारीकियों पर विस्तृत मंथन
बैठक के दौरान ईआरओ ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम की रूपरेखा से विस्तारपूर्वक अवगत कराया। उन्होंने बताया कि एक स्वस्थ लोकतंत्र के लिए मतदाता सूची का शुद्ध और समावेशी होना परम आवश्यक है। बैठक में विशेष रूप से उन प्रक्रियात्मक बिंदुओं पर चर्चा की गई, जिन्हें लेकर आमजन और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के मध्य प्रायः संशय की स्थिति बनी रहती है।
भ्रांतियों का निराकरण एवं जागरूकता पर जोर
निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी ने कार्यक्रम के दौरान उत्पन्न होने वाली तकनीकी भ्रांतियों को दूर करते हुए स्पष्ट किया कि अर्हक तिथियों के नवीन प्रावधानों के तहत अब युवा 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने से पूर्व ही अग्रिम आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने राजनीतिक दलों से आग्रह किया कि वे अपने स्तर पर भी इन प्रावधानों का व्यापक प्रचार-प्रसार करें ताकि कोई भी पात्र नागरिक मताधिकार से वंचित न रहे।
बूथ लेवल एजेंट्स की भूमिका पर चर्चा
प्रशासन ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से आह्वान किया कि वे प्रत्येक मतदान केंद्र पर अपने ‘बूथ लेवल एजेंट’ नियुक्त करें। ये बीएलए, प्रशासन द्वारा नियुक्त बीएलओ के साथ समन्वय स्थापित कर मतदाता सूची में दोहरे नामों को हटाने, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं का सत्यापन करने तथा नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने में महती भूमिका निभा सकते हैं।
राजनीतिक दलों ने दिया सहयोग का आश्वासन
बैठक में उपस्थित राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों ने प्रशासन द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। बैठक के अंत में ईआरओ ने सभी हितधारकों से आग्रह किया कि वे “मजबूत लोकतंत्र-सबकी भागीदारी” के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करने में अपना अमूल्य योगदान दें।






