Home » राजस्थान » जूली बोले-निकाय-पंचायत चुनाव की हार से बचने SIR करवा रहे:नेता प्रतिपक्ष ने कहा- अंता की हार ने चीफ सेक्रेट्री, सीएम के ACS को बदलवाया, मंत्रिमंडल भी बदलेगा

जूली बोले-निकाय-पंचायत चुनाव की हार से बचने SIR करवा रहे:नेता प्रतिपक्ष ने कहा- अंता की हार ने चीफ सेक्रेट्री, सीएम के ACS को बदलवाया, मंत्रिमंडल भी बदलेगा

नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार और बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा है कि अंता के रिजल्ट इस सरकार के लिए इतने खतरनाक साबित हुए हैं कि चीफ सेक्रेटरी भी बदल दिया और मुख्यमंत्री का प्रिंसिपल सेक्रेटरी भी बदल दिया। इससे आप समझ सकते हैं कि एक परिणाम क्या-क्या चेंज करवा सकता है, अभी तो इनका मंत्रिमंडल और बदला जाएगा। जूली ने कहा- भारतीय जनता पार्टी के लोग चर्चाएं कर रहे थे कि अंता का चुनाव सेमीफाइनल है। अपने भाषणों में कह रहे थे कि इसके आधार पर 2028 का फाइनल लड़ा जाएगा, तो जनता ने भारतीय जनता पार्टी वहां आईना दिखा दिया। अब इनको समझ में आ जाना चाहिए और आ भी गया है। जूली जयपुर में विधानसभा के बाहर मीडिया से बात कर रहे थे।

जूली ने कहा- दो साल से ये लोग जनता को खून के आंसू रुला रहे हैं। यह न जनता के हैं, न युवा के हैं, न किसान के हैं। किसान की फसल चौपट हुई पड़ी है। किसान रो रहा है, कोई सुनने वाला नहीं है। क्या सरकार का यही काम है कि पिछली सरकार की योजनाओं का नाम बदल दे, योजनाओं को बंद कर दें या फिर अपने उद्योगपति मित्रों को जमीनों की बंदरबांट करें? इन सब चीजों को देखते हुए जनता ने भारतीय जनता पार्टी को आइना दिखा दिया है।

विधानसभा चुनाव में अभी 3 साल है एसआईआर की इतनी जल्दी क्यों है?

जूली ने कहा- ये एसआईआर करवा रहे हैं। ये पंचायती राज और नगर निकाय की हार से बचने के लिए एसआईआर करवा रहे हैं। अभी तो अपने चुनाव में तीन साल हैं तो अभी र यहां एसआईआर करने की जरूरत नहीं थी। जिस प्रकार से बीएलओ पर प्रेशर बनाया जा रहा है, ऐसी जल्दी क्या है? एक महीने और लेट काम हो सकता है, 2 महीने बाद में हो सकता है, 6 महीने बाद भी हो सकता है।

बिहार में एसआईआर करवाई, कितने घुसपैठिए थे?

जूली ने कहा- सबसे बड़ा सवाल है जब इनसे कोई पूछता है तो कहते हैं कि घुसपैठियों की जांच कर रहे हैं। जब तुम 12 साल से सत्ता में बैठे हुए हो, आपको घुसपैठिए पकड़ में नहीं आए, अब आप जनता को गुमराह क्यों कर रहे हो? सबसे बड़ी बात है बिहार में एसआईआर करवाया और अपने 60—70 लाख वोटर्स के नाम वोटर लिस्ट से काट दिए, तो बताइए उन वोटर्स में कितने घुसपैठ थे? यह तो आप बता ही सकते हो, बिहार में कितने घुसपैठिए थे? इसके बाद आपने उसके ऊपर क्या कार्रवाई की? इन सब बातों का जवाब देना होगा, दिखावा करने से काम नहीं चलेगा जनता को काम करके दिखाना पड़ेगा।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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