राजस्थान में यमुना का पानी लाने और यमुना जल का समुचित उपयोग करने के उद्देश्य से बनाई अपर यमुना रिव्यू कमेटी की 9वीं बैठक गुरुवार को नोएडा के यमुना भवन में हुई। इसमें राजस्थान से जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत और अतिरिक्त सचिव जल संसाधन भुवन भास्कर सहित अन्य अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में मंत्री रावत ने यमुना जल के डायवर्जन के लिए बनाए जा रहे तीन अपवर्तन (रिफ्रेक्शन) रेणुकाजी, लखवार और किशाऊ को राष्ट्रीय परियोजनाओं में शामिल करने की मांग रखी। साथ ही उन्होंने केंद्रीय मंत्री से केंद्र सरकार के सहयोग से ओखला हैड से गुरुग्राम नहर प्रणाली के जीर्णोद्धार करवाने की मांग रखी।
केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में हुई बैठक में मंत्री सुरेश सिंह रावत ने बताया- यमुना जल की यह परियोजना राज्य सरकार की प्राथमिकता में है। इससे सीकर, चूरू, झुंझुनूं सहित आसपास क्षेत्रों की जल सुरक्षा के लिए बेहद आवश्यक है। इसके लिए बनाई टास्क फोर्स की निगरानी में डीपीआर बनाने का काम चल रहा है।
राजस्थान की तीन परियोजनाओं को केंद्र सरकार दे वित्तीय सहायता मंत्री सुरेश सिंह रावत ने बताया- हिमाचल प्रदेश एवं उत्तराखंड में यमुना एवं इसकी सहायक नदियों पर तीन परियोजनाएं ”रेणुकाजी, लखवार और किशाऊ” का निर्माण किया जा रहा है। राजस्थान सरकार ने तीनों परियोजनाओं में अपनी हिस्सेदारी की राशि स्वीकृत कर दी है। लेकिन हमारी मांग है कि केंद्र सरकार इसे राष्ट्रीय परियोजनाओं का अभिन्न अंग मानकर वित्तीय सहायता प्रदान करें।
फरवरी 2024 में यमुना जल के संबंध में एमओयू हुआ था। इसमें हरियाणा और राजस्थान सरकार ने संयुक्त टास्क फोर्स का गठन किया है।
मानसून में व्यर्थ बह रहा यमुना नदी का पानी मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा-
मानसून में यमुना नदी के व्यर्थ बहकर जा रहे पानी में से आंशिक जल राजस्थान में डायवर्ट करने के लिए ये पूरा प्रोजेक्ट बनाया जा रहा है। ओखला हैड से यमुना के पानी को गुरुग्राम तक लाने के लिए नहर बनी है, वह जर्जर हो रही है। इस नहर को रिपेयर करने के लिए केंद्र सरकार मदद करे। इसकी क्षमता बढ़ने के बाद राजस्थान में पानी लाने में आसानी हो सकेगी।





