सीकर की पॉक्सो कोर्ट 1 ने 17 साल की नाबालिग भतीजी से रेप की कोशिश करने के मामले में दोषी चाचा को 10 साल कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने 52 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। आरोपी रिश्ते में पीड़िता का चाचा लगता है।
कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा- आरोपी पीड़िता का परिवार में चाचा लगता है, जिसने रिश्तों को शर्मसार कर तार-तार कर दिया। जिससे व्यक्तियों का आपसी रिश्तों पर से भरोसा उठ जाता है, जो अच्छी व सभ्य सामाजिक व्यवस्था के लिए उचित नहीं है। अतः ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाया जाना आवश्यक है।

घर पर अकेली थी नाबालिग सरकारी वकील भवानी सिंह जेरठी ने बताया कि यह फैसला जज विक्रम चौधरी ने सुनाया। 16 जून 2022 को नाबालिग लड़की और उसके पिता ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई कि 11 जून को जब पीड़िता घर पर अकेली थी, क्योंकि उसके माता-पिता दोनों बाहर गए हुए थे। इसी दौरान दोपहर 2 बजे के करीब आरोपी पीड़िता के घर पहुंचा और उसे अकेला देखकर उसके हाथ-पैर बांध दिए थे।
जान से मारने की धमकी देकर भागा था आरोपी इसी बीच पीड़िता का पिता वहां आ गया, जिसे देखकर आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके मामले में जांच शुरू की, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर 29 अगस्त 2022 को कोर्ट में चालान पेश किया गया।
10 साल के कठोर कारावास की सजा इस दौरान 12 गवाह और 24 दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए। इसके बाद अब कोर्ट ने आरोपी को 10 साल के कठोर कारावास और 52 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर स्कीम से 2 लाख रुपए देने के निर्देश भी दिए हैं।






