जयपुर में टटलूबाज गैंग के 5 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है। बदमाशों ने झोटवाड़ा इलाके में एक मकान में कॉल सेंटर बना रखा था। सोशल मीडिया के जरिए लोगों को नकली नोटों की फोटो दिखाते थे। लोगों को लालच देते थे कि नकली नोट के बदले असली नोट दिया जाएगा। जैसे- एक रुपए के नकली नोट के बदले 5 रुपए दिए जाएंगे।
फंसे लोगों को व्हाट्सऐप कॉल करते थे। मानसरोवर मेट्रो स्टेशन के पास पहले से तैनात दूसरी टीम के पास उन्हें भेजते थे। इसके बाद मारपीट कर रुपए छीनकर भाग जाते थे। गैंग में करीब 10 सदस्य बताए जा रहे है, जिसमें से 5 पकड़े गए हैं। मामला पत्रकार थाना इलाके का है।
एक महीने में 50 लाख रुपए वसूले जांच में गिरोह के पास एक डायरी भी मिली है। डायरी में पिछले एक महीने (नवम्बर) में जयपुर शहर-ग्रामीण में 50 से ज्यादा लोगों से वारदात करने का खुलासा हुआ है, जिनसे करीब 50 लाख रुपए वसूले गए है।

बदमाशों से थार,स्विफ्ट,पावर बाइक, मोबाइल और सिम कार्ड बरामद डीसीपी (साउथ) राजर्षि राज वर्मा ने बताया- गैंग के बदमाश अमित श्योरान (24) निवासी पिलानी झुंझुनूं, हर्ष यादव (22) निवासी बासनी जोधपुर, सचिन (20) निवासी हमीरवास चूरु, कमल चौधरी (23) निवासी खतवाडी फुलेरा और राहुल डोडवालिया (21) निवासी डोडवाडिया का बास फुलेरा को गिरफ्तार किया गया है।
आरोपियों के कब्जे से दो थार जीप, एक स्विफ्ट कार, दो पावर बाइक, 5 मोबाइल और 42 सिमकार्ड बरामद किए गए है। इसके साथ ही 62 हजार रुपए कैश और 3.50 लाख रुपए के नकली नोट भी जब्त किए गए है। गैंग के फरार बदमाशों की तलाश की जा रही है।
गैंग के सदस्य की निशानदेही पर बाकियों को पकड़ा जयपुर के श्याम नगर, मुहाना, झोटवाड़ा और पत्रकार कॉलोनी में टटलूबाज गैंग के लूट करने की 5 शिकायत दर्ज हुई थी। एडि.डीसीपी (साउथ) ललित कुमार शर्मा और एसीपी (मानसरोवर) आदित्य काकड़े के सुपरविजन में पत्रकार कॉलोनी थानाधिकारी मदन कडवासरा व श्याम नगर थानाधिकारी दलबीर सिंह के नेतृत्व में टीम बनाई गई।
डीएसटी टीम की सूचना पर CCTV फुटेज के आधार पर गैंग के बदमाश अमित श्योरान को पकड़ा गया। उससे पूछताछ के बाद हर्ष को पकड़ गया। पुलिस टीम दोनों से पूछताछ के बाद दबिश देकर गैंग के तीन साथियों को ओर धर-दबोचा।
अब पढ़िए- कैसे लोगों को फंसाती थी टटलूबाज गैंग
1- झोटवाड़ा में मकान में बना रखा था कॉल सेंटर
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया है कि गैंग में 10 बदमाश शामिल है। झोटवाड़ा इलाके में स्थित एक मकान में कॉल सेंटर बना रखा था। गैंग इंस्टाग्राम और टेलीग्राम के जरिए नोटों का बंडल दिखाती थी।
लोगों को नकली करेंसी पर एक रुपए के बदले 5 रुपए देने का लालच दिया जाता था। जो लोग झांसे में आते थे, उनसे वॉट्सऐप कॉल के जरिए कॉन्टैक्ट किया जाता था। इसके बाद फंसे लोगों को मानसरोवर मेट्रो स्टेशन के पास पहले से तैनात अपनी दूसरी टीम के पास भेजते थे।
2- गैंग की एक टीम मेट्रो स्टेशन पर रहती थी तैनात
फंसे लोग जैसे ही मानसरोवर मेट्रो स्टेशन के पास मौजूद टीम के पास पहुंचते थे। टीम के मेंबर उन्हें बातचीत कर जैसे-तैसे गाड़ी में बैठाते थे। रिंग रोड और 200 फीट रोड की तरफ सुनसान जगह पर ले जाकर मारपीट करते थे।
इसके बाद बंधक बनाकर मारपीट कर उनके पैसे और गहने छीनते थे। उसे धमकाकर उसके परिचित और रिश्तेदारों से भी ऑनलाइन रुपए ट्रांसफर करवाते थे। फिर सूनसान जगह पर फेंककर भाग जाते थे।






