पुलिस मुख्यालय के निर्देशानुसार उदयपुर पुलिस ने संगठित अपराधों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है।जिला पुलिस अधीक्षक योगेश गोयल के निर्देशानुसार चलाए गए विशेष अभियान के तहत हार्डकोर अपराधी नरेश हरिजन गैंग के चार शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है।पुलिस ने इनके कब्जे से तीन अवैध देशी पिस्टल, एक मैग्जीन और दो जिंदा कारतूस जब्त किए हैं।एसपी गोयल ने बताया कि यह बड़ी कार्रवाई जिला स्पेशल टीम और थाना हिरणमगरी की संयुक्त टीम ने की। डीएसटी प्रभारी एएसआई विक्रम सिंह को रविवार को सबसिटी सेंटर हिरणमगरी इलाके में कुछ अपराधियों के अवैध हथियार बेचने की फिराक में घूमने की गुप्त सूचना मिली थी।सूचना मिलते ही अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश ओझा और सीओ छगन पुरोहित के सुपरविजन एवं थानाधिकारी भरत योगी के नेतृत्व में तत्काल टीमें गठित की गईं। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चारों अभियुक्तों पुष्पेन्द्र सिंह राठौड़ उर्फ लल्ला निवासी सूरजपोल,कमलेन्द्र सिंह गहलोत उर्फ राहुल निवासी सूरजपोल,आदित्य पुरी गोस्वामी उर्फ अंशु निवासी गोवर्धन विलास और गौतम हंडेरिया हिरण मगरी को धर दबोचा।
हार्डकोर अपराधी नरेश हरिजन से था सीधा कनेक्शन
प्रारंभिक पूछताछ में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार अभियुक्तों को ये हथियार करीब छह माह पहले हार्डकोर अपराधी नरेश हरिजन ने दिए थे।नरेश हरिजन स्वयं पुलिस के कई मामलों में वांछित चल रहा है।गिरफ्तार चारों अभियुक्तों का शहर के विभिन्न थानों में गंभीर आपराधिक रिकॉर्ड है,जिनमें मारपीट,हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के मामले शामिल हैं।
पुलिस ने इन अपराधियों के विरुद्ध न केवल आर्म्स एक्ट बल्कि भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत संगठित अपराध की गंभीर धाराओं में भी प्रकरण दर्ज किया है।पुलिस का मानना है कि संगठित अपराध की धाराओं में मुकदमा दर्ज होने से इन अपराधियों को जमानत मिलना और सजा से बचना बेहद मुश्किल होगा।






