चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि इंसान के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण पहलू है स्वास्थ्य।हर व्यक्ति को स्वस्थ रहने का अधिकार है। फिर वह एचआईवी/एड्स से संक्रमित व्यक्ति ही क्यूं न हो।केवल देश में ही नहीं, अपितु पूरी दुनिया में सरकारें,विभिन्न सामुदायिक संस्थाएं,स्वैच्छिक संस्थाएं एवं गैर सरकारी संस्थाएं मिलजुल कर प्रयास करते हैं कि एचआईवी/एड्स के साथ जी रहे लोगों के अधिकारों की रक्षा हो,ताकि वे समाज सामान्य जीवन जी सकें।हम सबका भी यही प्रयास होना चाहिए कि हम इस बीमारी से ग्रसित व्यक्तियों को सम्मानपूर्वक जीवन जीने के प्रयासों में सहभागी बनें।
चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने सोमवार को राजस्थान स्टेट एड्स कंट्रोल सोसायटी की ओर से ‘विश्व एड्स दिवस’ के अवसर पर हरिश्चन्द्र माथुर राज्य लोक प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि एचआईवी/एड्स से जुड़ी भ्रांतियां मिटा कर भेदभाव को दूर करने की आवश्यकता है।प्रभावित व्यक्तियों को समाज की मुख्यधारा में सामान्य जीवन जीने का अवसर मिल सके,यह प्रयास हमें निरन्तर करते रहना है।इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित करने की जरूरत है कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत प्रदान की जा रही निःशुल्क सेवाओं एवं सुविधाओं का पूरा लाभ एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों को मिले।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा एचआईवी/एड्स के साथ जी रहे लोगों के कल्याण के लिए कई प्रयास किए जा रहे हैं।विभिन्न योजनाओं के तहत इन्हें लाभान्वित किया जा रहा है।इसके फलस्वरूप राज्य में एचआईवी/एड्स से होने वाली मृत्यु दर में कमी आई है तथा नए संक्रमण के मामले भी कम हुए हैं।एचआईवी की जांच का दायरा बढ़ाते हुए सभी गर्भवती महिलाओं की जांच करने का प्रयास किया जा रहा है।भारत सरकार एवं राजस्थान सरकार के प्रयासों से राज्य में एचआईवी/एड्स संक्रमण पर प्रभावी रोकथाम हो रही है।
साथ ही गायत्री राठौड़ ने कहा कि राज्य में एचआईवी के साथ जी रहे व्यक्तियों की जांच,दवाइयों व उपचार की सुविधाएं समस्त सरकारी चिकित्सालयों में निःशुल्क प्रदान की जा रही है।प्रयास किए जा रहे हैं कि सरकार की अन्य योजनाओं से भी एचआईवी/एड्स के साथ जी रहे व्यक्तियों को अधिक लाभ पहुंचाया जाए।जरूरत इस बात की है कि इन योजानाओं का प्रभावी प्रचार हो ताकि एचआईवी/एड्स के साथ जी रहे प्रत्येक व्यक्ति को इनका पूरा लाभ मिले।
निदेशक एड्स डॉ.सुशील कुमार परमार ने कहा कि राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण कार्यक्रम की नेशनल हेल्पलाइन जिसका नं.1097 है,एक उत्कृष्ट सेवा है,जिस पर 24 घंटे 15 भाषाओं में सातों दिन गोपनीयता के साथ एचआईवी/एड्स की जानकारी प्राप्त की जा सकती है।यह पूर्णतया निःशुल्क सेवा है।आज के डिजिटल युग को ध्यान में रखते हुए एचआईवी की जानकारी को इंटरनेट के जरिए भी प्राप्त किया जा सकता है। इसके लिए गूगल प्ले स्टोर से नाको एड्स एप को निःशुल्क डाउनलोड किया जा सकता है।साथ ही फेसबुक,ट्विटर, यू-ट्यूब जैसी सोशल नेटवर्किंग साइट्स के माध्यम से भी यह जानकारियां प्राप्त की जा सकती हैं।
साथ ही डॉ.परमार ने सभी आगन्तुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन समन्वित प्रयासों से हम आने वाली पीढ़ी को एड्स मुक्त रख सकेंगे।युवा वर्ग को एचआईवी/एड्स के साथ जी रहे लोगों के प्रति सहानुभूति रख उनकी मद्द के लिए आगे आना चाहिए।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रदेश के विभिन्न महाविद्यालयों में संचालित रेड रिबन क्लब के सदस्यों,सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर नुक्कड़ नाटक एवं अन्य रोचक प्रस्तुतियों के द्वारा एचआईवी/एड्स के प्रति जागरूकता का संदेश दिया गया एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्थाओं,कार्मिकों,स्वयंसेवी संस्थाओं व रेड रिबन क्लब महाविद्यालयों को सम्मानित किया गया।





