उत्तर रेलवे के राजपुरा-बठिंडा रेलखंड पर दोहरीकरण और इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग कार्य के चलते उत्तर पश्चिम रेलवे की चार ट्रेनों का संचालन आगामी दो महीने तक बदले मार्ग से किया जाएगा। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि इस तकनीकी कार्य की वजह से जोधपुर होकर गुजरने वाली ट्रेनों के नियमित संचालन पर प्रभाव पड़ेगा।
राजपुरा-बठिंडा रेल सेक्शन के दोहरीकरण का कार्य वर्ष 2019 में शुरू किया गया था और यह लगभग 2500 करोड़ रुपये की परियोजना है। इस 173 किलोमीटर लंबे रेल सेक्शन को इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली से लैस किया जा रहा है।
हरिद्वार-भावनगर द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस का मार्ग परिवर्तन
ट्रेन संख्या 19272 हरिद्वार-भावनगर टर्मिनस द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस को 3 दिसंबर से 4 फरवरी तक कुल 19 ट्रिप के लिए हर बुधवार और शनिवार को अंबाला-पानीपत-रोहतक-डोभ भाली-महम-हांसी और हिसार होकर चलाया जाएगा। बदले मार्ग में ट्रेन राजपुरा, पटियाला, धुरी, सुनाम उधमसिंह वाला और जाखल स्टेशनों पर रुकेगी।
वापसी में ट्रेन संख्या 19271 भावनगर-हरिद्वार द्विसाप्ताहिक एक्सप्रेस 4 दिसंबर से 2 फरवरी तक कुल 18 ट्रिप के लिए हर सोमवार और गुरुवार को हिसार-हांसी-महम-डोभ भाली-रोहतक-पानीपत और अंबाला के रास्ते चलेगी। मार्ग परिवर्तन के दौरान ट्रेन जाखल, सुनाम उधमसिंह वाला, धुरी, पटियाला और राजपुरा स्टेशनों पर ठहराव करेगी।
बांद्रा-जम्मूतवी विवेक एक्सप्रेस का नया रूट
ट्रेन संख्या 19027 बांद्रा टर्मिनस-जम्मूतवी विवेक एक्सप्रेस साप्ताहिक को 6 दिसंबर से 31 जनवरी तक कुल 9 ट्रिप के लिए हिसार-हांसी-डोभ भाली-रोहतक-पानीपत और अंबाला होकर चलाया जाएगा। बदले मार्ग में ट्रेन बरवाला और धुरी स्टेशनों पर रुकेगी।
वापसी में ट्रेन संख्या 19028 जम्मूतवी-बांद्रा टर्मिनस विवेक एक्सप्रेस साप्ताहिक 8 दिसंबर से 2 फरवरी तक कुल 9 ट्रिप के लिए अंबाला-पानीपत-रोहतक-डोभ भाली-महम-हांसी और हिसार होकर चलाई जाएगी। बदले मार्ग में ट्रेन धुरी और बरवाला स्टेशनों पर ठहराव करेगी।
दोहरीकरण परियोजना के लाभ
राजपुरा-बठिंडा रेल सेक्शन के दोहरीकरण का कार्य पूरा होने के बाद इस रूट पर ट्रेनों की गति में वृद्धि होगी। पूरे सेक्शन पर ऑटोमेटिक सिग्नल लगाए गए हैं जो ट्रेन के संचालन में काफी कारगर होंगे। वर्तमान में साढ़े तीन घंटे का सफर 40 से 45 मिनट कम हो जाएगा। इससे नई ट्रेनों के संचालन की रूपरेखा भी तैयार हो सकेगी।
पटियाला यार्ड का इंटरलॉकिंग कार्य पूरा हो चुका है और धूरी यार्ड का कार्य चल रहा है जो आगामी दो से तीन माह में पूरा हो जाएगा। इसके बाद पूरे रेल सेक्शन पर बिना किसी रुकावट के ट्रेनों का संचालन हो सकेगा।
यात्रियों से रेलवे का अनुरोध
रेलवे ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का रूट और स्टॉपेज जांचकर ही अपने सफर की योजना बनाएं। इसके लिए यात्री रेलवे की अधिकृत ऐप अथवा 139 हेल्प लाइन से मदद ले सकते हैं। मार्ग परिवर्तन के दौरान यात्रियों को अपने स्टेशन की जानकारी पहले से प्राप्त कर लेनी चाहिए।
वर्तमान में अंबाला कैंट से बठिंडा के बीच छह जोड़ी ट्रेनों का संचालन हो रहा है, जिनमें ऋषिकेश-बाड़मेर एक्सप्रेस, अंबाला कैंट-श्रीगंगानगर इंटरसिटी और अंबाला कैंट-श्रीगंगानगर एक्सप्रेस शामिल हैं।






