जिले में रबी फसलों की बुवाई और सिंचाई के पीक सीजन को देखते हुए कृषि विभाग ने यूरिया उर्वरक की आपूर्ति और उपलब्धता को लेकर स्थिति स्पष्ट की है।कृषि विभाग,डीग के संयुक्त निदेशक रामकुंवार जाट ने बताया कि जिले में यूरिया की कोई कमी नहीं है और रेल व सड़क मार्ग से इसकी निरंतर आपूर्ति जारी है।
1.70 लाख हेक्टेयर में बुवाई, 20,500 मैट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति
संयुक्त निदेशक ने बताया कि डीग जिले में रबी सत्र 2025-26 के दौरान गेहूं, चना,जौ और सरसों आदि फसलों का बुवाई रकबा लगभग 1,70,000 हेक्टेयर है।फसलों के संतुलित पोषण के लिए जिले की कुल मांग (अक्टूबर से फरवरी 2025 तक) 33,100 मैट्रिक टन आंकी गई है। इसके विरुद्ध अब तक जिले में 20,500 मैट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति की जा चुकी है।उन्होंने बताया कि माह दिसंबर, 2025 के लिए अतिरिक्त 1,100 मैट्रिक टन यूरिया की मांग मुख्यालय जयपुर को प्रेषित कर दी गई है,जिसकी आपूर्ति शीघ्र अपेक्षित है।
किसानों से संयम और सहयोग की अपील
वर्तमान में जिले के अधिकांश हिस्सों में गेहूं और सरसों की फसलों में पहली सिंचाई के साथ यूरिया के ‘प्रथम छिड़काव’ का दौर चल रहा है । इस संदर्भ में कृषि विभाग ने किसानों के लिए एक विशेष एडवाइजरी/अपील जारी की है:
अनावश्यक भंडारण न करें: किसान भाई संयम बनाए रखें और पैनिक होकर यूरिया का अनावश्यक स्टॉक न करें।
चरणबद्ध खरीद: वर्तमान में केवल उतनी ही मात्रा क्रय करें जितनी ‘प्रथम छिड़काव’ के लिए आवश्यक है।
आगामी आपूर्ति: 15 दिसंबर के उपरांत जब फसलों में दूसरी सिंचाई का समय आएगा, तब तक ‘द्वितीय छिड़काव’ हेतु आवश्यक यूरिया की मात्रा जिले में उपलब्ध हो जाएगी।
निगरानी के लिए ‘कंट्रोल रूम’ स्थापित
जिले में उर्वरकों की व्यवस्थित आपूर्ति और सुचारू विक्रय सुनिश्चित करने के लिए कार्यालय संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार), डीग में एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है।
प्रभारी: महेश चन्द,कृषि अधिकारी (मि.)
संपर्क सूत्र: 7976987406
किसान किसी भी प्रकार की समस्या या उर्वरक उपलब्धता से जुड़ी जानकारी के लिए उक्त नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।






