भीलवाड़ा के बड़लियास थाना क्षेत्र में एक नाबालिग लड़की के किडनैप के बाद रेप करने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने एसपी से मिलकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
पीड़िता के पिता ने एसपी को सौंपी रिपोर्ट में बताया कि उसकी बेटी 5 दिसंबर को अपने घर से लापता हो गई थी। 10 दिसंबर को पुलिस ने उसे उदयपुर से तलाश किया और बड़लियास लेकर आए। यहां थाने में एएसआई ने उसे डराया धमकाया और गलत बयान देने के लिए दबाव बनाया गया।
पुलिस ने बेटी पर बयान के लिए दबाव बनाया इसके बाद बेटी को भीलवाड़ा में सखी सेंटर लाया गया और उसने पुलिस के बताए अनुसार बयान दिया। बाद में जब बेटी गुमसुम रहने लगी तो उससे पूछा और उसने अपने साथ हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि उसके पड़ोस में रहने वाला एक युवक उसे भीलवाड़ा में अच्छी जगह नौकरी दिलाने की बात बोलकर बड़लियास से भीलवाड़ा जाने वाली बस में बैठा दिया।
रुमाल सुंघा कर बेहोश किया यहां अहिंसा सर्किल पर एक कार आई, जिसमें से चार-पांच व्यक्ति उतरे और उन्होंने मुंह पर रुमाल सुंघा कर बेटी को बेहोश कर दिया और उसे अपने साथ ले गए। जब उसे होश आया तो उसने खुद को एक बंद कमरे में पाया, जहां उसके साथ तीन-चार व्यक्तियों ने दो-तीन दिन तक गैंगरेप किया।
बेटी ने बदमाश के मोबाइल से मैसेज कर फ्रेंड को बताया मौका पाकर बेटी ने बदमाशों की जेब से उनका मोबाइल निकाल कर गांव में रहने वाली पड़ोसी फ्रेंड को मैसेज किया, जिसमे कहीं अनजान जगह कैद करके रखने की बात बताते हुए बचाने की गुहार लगाई। फ्रेंड ने मैसेज पीड़िता के भाई को फॉरवर्ड किया, जिस पर पुलिस ने पीड़िता की लोकेशन ट्रेस की और उसे उदयपुर से खोज निकाला।
पिता बोले- बेटी को बेचने की प्लानिंग थी पीड़िता के पिता ने बताया कि उसकी नाबालिग बेटी ने भीलवाड़ा आने के बाद पुलिस के दबाव में आकर जैसा उसे बताया गया वैसा बयान दिया। परिवादी ने आरोप लगाया कि तीन बदमाशों ने उसकी बेटी का रेप किया और यह उसे कहीं और जगह बेचने की प्लानिंग की और पुलिस पर भी दबाव बनाने और बेटी का मेडिकल नहीं करने का आरोप लगाए, फिलहाल परिवादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने जांच शुरू की।





