जयपुर में मेट्रो फेज-2 के विकास को गति देने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर जयपुर मेट्रो और हवाई अड्डा प्रशासन के बीच समन्वय बैठक आयोजित की गई, जिसमें हवाई अड्डे तक मेट्रो विस्तार और सभी टर्मिनलों को जोड़ने की योजना पर गहन चर्चा हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यात्रियों के लिए सफर को आसान बनाना और शहर में बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट उपलब्ध कराना रहा।
जयपुर मेट्रो के निदेशक (कंपनी मामलात) महेश भुराडिया ने कहा कि सीतापुरा से टोड़ी मोड़ तक एयरपोर्ट से होकर गुजरने वाला प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर जयपुर के ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करेगा। यह कॉरिडोर औद्योगिक क्षेत्रों, आवासीय इलाकों और एयरपोर्ट को एक-दूसरे से जोड़ेगा, जिससे लाखों यात्रियों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
जयपुर एयरपोर्ट के चीफ एयरपोर्ट ऑफिसर अनिमेष भट्ट ने बताया कि मेट्रो अलाइनमेंट, यात्रियों की आवाजाही, सुरक्षा व्यवस्था और ऑपरेशन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से बात हुई है। सभी एजेंसियों ने मिलकर प्रोजेक्ट को तेजी से और बेहतर तरीके से आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है।

यात्रियों को मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी बैठक में बताया गया कि एयरपोर्ट तक सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी मिलने से यात्रियों को ट्रैफिक और समय की परेशानी से राहत मिलेगी। शहर से एयरपोर्ट पहुंचना आसान होगा और टैक्सी या निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी। इससे सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल ट्रांसपोर्ट को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस बैठक में जयपुर मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन,डायरेक्टरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (डीजीसीए),सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (सीआईएसएफ),नागर विमानन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस), एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया और जयपुर एयरपोर्ट प्रबंधन से जुड़े सीनियर अधिकारी शामिल हुए। अधिकारियों ने एयरपोर्ट के टर्मिनल-1, टर्मिनल-2 और प्रस्तावित टर्मिनल-3 को मेट्रो के भूमिगत स्टेशन से सीधे जोड़ने के विकल्पों पर चर्चा की।
इस बैठक के बाद साफ है कि आने वाले समय में जयपुर एयरपोर्ट तक मेट्रो चलाने की दिशा में काम तेज होगा। अगर यह योजना जमीन पर उतरती है, तो जयपुर देश के उन चुनिंदा शहरों में शामिल होगा, जहां एयरपोर्ट तक सीधी मेट्रो सुविधा मिलेगी।





