अलवर जिले के राजगढ़ कस्बे में केंद्रीय स्कूल खोलने की मांग को लेकर चौथे दिन भी राजगढ़ कस्बा पूरी तरह से बंद रहा। शनिवार सुबह 11:30 कस्बे के व्यापारी और स्थानीय लोग रैली निकालते हुए शहर की कोठी नारायणपुर तिराहे पर प्रदर्शन करने के लिए पहुंचे। इस पर पुलिस ने 100 मीटर पहले प्रदर्शनकारियों को रोककर सड़क किनारे बिठा दिया। अलवर-सिकंदरा मेगा हाईवे पर पुलिस और प्रदर्शनकारी आमने सामने हो गए। जिससे मौके पर जाम लग गया।

राजगढ़ आवाज मंच के मुकेश जैमन ने बताया-2021 में केंद्र सरकार की ओर से अलवर जिले के राजगढ़ में केंद्रीय स्कूल स्वीकृत किया गया। इसके बाद लंबे समय से क्षेत्र लोग और जनप्रतिनिधि इसे राजगढ़ में ही बनाने की मांग कर रहे थे। 2025 में राज्य सरकार की ओर से सरकार की ओर से राजगढ़ से 15 किलोमीटर दूर रैणी उपखंड के दलालपुरा रैणी में केंद्रीय स्कूल खोलने के जमीन का आवंटन किया गया।

26 दिसंबर को अलवर-सिकंदरा मेगा हाईवे किया था जाम जैमन ने बताया-रैणी में स्कूल आवंटन निरस्त करने और राजगढ़ में कृषि मंडी क्षेत्र में केंद्रीय स्कूल खोलने की मांग को लेकर स्थानीय लोग पिछले कई दिनों के प्रदर्शन कर रहे हैं। इस लेकर 24 दिसंबर से बाजार बंद कर रखा है। प्रशासन को लगातार ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। मगर कोई सुनवाई नहीं हो रही है। 26 दिसंबर को हनुमान मंदिर मंदिर के पास स्थित मेगा हाईवे (अलवर-सिकंदरा) को 4 घंटे तक जाम किया गया।
जैमन ने बताया-27 दिसंबर को सुबह व्यापारी, स्थानीय लोग रैली निकालते हुए कोठी नारायणपुर तिराहे तक जा रहे थे। मगर प्रशासन शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे लोगों को 100 मीटर पहले ही रोक दिया।
इस दौरान जैमन ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि क्या इस सरकार में पुलिस ही एक अंग है। क्या एसडीएम हमारे पास बातचीत के लिए आईं। क्या सांसद और कोई नेता हमारे पास बातचीत के लिए आया। सब मर गए हैं क्या।

विधायक बोले-मैं जन भावना के साथ स्थानीय विधायक मांगेलाल मीणा मौके पर पहुंचे और कहा कि मैं जन भावना के साथ हूं। सरकार से बातचीत कर दलालपुरा आवंटन को निरस्त करने और राजगढ़ में केंद्रीय स्कूल खुलवाया जाएगा।
एसडीएम बोलीं-प्रस्ताव बनाकर कलेक्टर को भेजा वहीं उपखंड अधिकारी सीमा मीणा, रैणी एसडीएम हरकेश मीणा मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों के साथ समझाइश शुरू की। इस दौरान राजगढ़ एसडीएम सीमा मीणा ने कहा कि केंद्रीय स्कूल के लिए कृषि उपज मंडी क्षेत्र में खाली पड़ी जगह को लेकर प्रस्ताव बनाकर जिला कलेक्टर को भेज दिया गया है।

एसडीएम के आश्वासन के बाद भी प्रदर्शनकारी शांत नहीं हुए और उन्होंने दोपहर 2 बजे अलवर-सिंकदरा मेगा हाईवे पर इक्कठा होना शुरू हो गए। सूचना पर एडिशनल एसपी प्रियंका मौके पर पहुंची और लोगों से बातचीत शुरू की।
जिला कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग राजगढ़ आवाज मंच के मुकेश जैमन ने कहा-केंद्रीय स्कूल का आवंटन बिना कलेक्टर की मजूरी के निरस्त नहीं हो सकता है। इसलिए जिला कलेक्टर को मौके पर आकर रैणी में आवंटन को निरस्त करें। इसके बाद राजगढ़ मे जमीन का आवंटन किया जाए।

पिछले तीन दिनों में क्या हुआ ?
पहला और दूसरा दिन राजगढ़ आवाज मंच और व्यापारियों के आह्वान पर कस्बे में पूर्ण बंद रहा। छोटे-बड़े सभी प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद रखे गए। पंडित भवानी सहाय स्मारक से काफिला निकलकर अनाज मंडी, चौपड़, गोले मार्केट, सराय बाजार, रेलवे स्टेशन और टहला बाईपास तक पहुंचा।
गोल मार्केट पर मुकेश जैमन के नेतृत्व में आम सभा हुई, जिसमें दलालपुरा में आवंटन रद्द करने और मंडी क्षेत्र में नया आवंटन शुरू करने की मांग जोरदार तरीके से उठाई गई। जयपुर से राज सिंह लोहिया, मोहन मुद्गल समेत कई लोग समर्थन में शामिल हुए।

तीसरा दिन (शुक्रवार) आंदोलन और उग्र हुआ। बाजार लगातार तीसरे दिन बंद रहे। हजारों महिलाएं-पुरुष सड़कों पर उतरे। केमिस्ट एसोसिएशन और ई-रिक्शा यूनियन ने भी समर्थन दिया, अपने प्रतिष्ठान बंद रखे और प्रदर्शन में शामिल हुए। पंडित भवानी सहाय स्मारक से शुरू हुआ काफिला विशाल जनसमूह बनकर मुख्य बाजार, मंडी, चौपड़, गोले मार्केट, सराय बाजार और अस्पताल होते हुए ज्योतिबा फुले चौराहे पर पहुंचा।
दोपहर में अलवर-सिकंदरा मेगा हाईवे पर राजगढ़ औद्योगिक क्षेत्र के हनुमान मंदिर के पास जाम लगा दिया गया। करीब चार घंटे जाम रहा, लेकिन प्रशासन के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। दर्जनों वक्ताओं ने इसे राजगढ़ के हितों से खिलवाड़ बताया।





