Home » राजस्थान » फर्जी लिंक से मोबाइल-हैक कर क्रेडिट-डेबिट कार्ड का डेटा चुराया:ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से महंगे सामान मंगाने वाले साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़, क्रिप्टोकरेंसी में बदल देते रुपए

फर्जी लिंक से मोबाइल-हैक कर क्रेडिट-डेबिट कार्ड का डेटा चुराया:ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से महंगे सामान मंगाने वाले साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़, क्रिप्टोकरेंसी में बदल देते रुपए

जयपुर में साइबर पुलिस थाना ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से की जा रही साइबर वित्तीय धोखाधड़ी का खुलासा किया। टीम ने कार्रवाई करते हुए शातिर साइबर ठग गिरोह के दो आरोपी अमोल चौपड़ा और सक्षम खण्डेलवाल को गिरफ्तार किया है। वहीं गिरोह से जुड़े अन्य बदमाशों की तलाश की जा रही है।

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आम लोगों को फर्जी व मैलिशियस लिंक भेजकर उनके मोबाइल फोन हैक करते थे। इसके बाद पीड़ितों के क्रेडिट व डेबिट कार्ड के विवरण का दुरुपयोग कर Flipkart, Amazon, Swiggy, Zepto और Blinkit जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से महंगे सामान और मोबाइल फोन ऑर्डर करते।

पूरे मामले का खुलासा मुखबिर से मिली सूचना के बाद हुआ। इसके आधार पर पुलिस टीम ने ठोस तकनीकी व गोपनीय सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपियों को पकड़ा।

पुलिस जांच से बचने और वित्तीय लेन-देन छुपाने के लिए आरोपी क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करते थे।

गिरफ्तार आरोपी अमोल चौपड़ा को जेसी में भेज दिया गया है। वहीं कोर्ट ने दूसरे आरोपी सक्षम खण्डेलवाल को दो दिन की पुलिस रिमांड पर दिया है।
गिरफ्तार आरोपी अमोल चौपड़ा को जेसी में भेज दिया गया है। वहीं कोर्ट ने दूसरे आरोपी सक्षम खण्डेलवाल को दो दिन की पुलिस रिमांड पर दिया है।

खरीदे हुए नए मोबाइल फोन को नेपाल के रास्ते दूसरे देशों में भेजते पुलिस कमिश्नर सचिन मित्तल ने बताया- ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी और ई-कॉमर्स से जुड़े अपराधों की रोकथाम के लिए एसीपी (क्राइम) मनीष अग्रवाल के निर्देशन में विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों ने आरोपियों की पहचान कर उनके पूरे नेटवर्क को तोड़ा।

डीसीपी क्राइम अभिजीत सिंह ने बताया- जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी थर्ड पार्टी एप्लिकेशन और डिजिटल पहचान चोरी के माध्यम से भुगतान करते थे। आरोपी Flipkart Minute जैसी तुरंत डिलीवरी सेवाओं से कम समय में सामान मंगाते थे। वहीं साइबर ठगी से खरीदे मोबाइल फोन को नेपाल के रास्ते दूसरे देशों में भेज देते थे। पुलिस को इसके साक्ष्य भी मिले हैं।

एक आरोपी को जेसी भेजा, दूसरा पुलिस रिमांड पर मामले में साइबर पुलिस थाने में विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी पुलिस जांच से बचने और वित्तीय लेन-देन छुपाने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग करते थे। प्रारंभिक जांच के आधार पर यह अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराध गिरोह माना जा रहा है।

पहले भी गिरफ्तार आरोपी अमोल चौपड़ा को जेसी में भेज दिया गया है। वहीं कोर्ट ने दूसरे आरोपी सक्षम खण्डेलवाल को दो दिन की पुलिस रिमांड पर दिया है। मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश के साथ-साथ डिजिटल, वित्तीय और अंतरराष्ट्रीय लिंक की जांच लगातार जारी है।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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