Home » राजस्थान » पूर्व सांसद भानुप्रकाश मिर्धा पंचतत्व में विलीन:अपने ही ‘काका’ को मात देकर नागौर में पहली बार खिलाया था कमल

पूर्व सांसद भानुप्रकाश मिर्धा पंचतत्व में विलीन:अपने ही ‘काका’ को मात देकर नागौर में पहली बार खिलाया था कमल

दिग्गज किसान नेता स्व. नाथूराम मिर्धा के बेटे और नागौर के पूर्व सांसद भानुप्रकाश मिर्धा पंचतत्व में विलीन हो गए। शुक्रवार दोपहर को जोधपुर स्थित मिर्धा फार्म पर उनका सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके बेटे मनीष मिर्धा ने उन्हें मुखाग्नि दी। भानुप्रकाश मिर्धा का कल (गुरुवार) सुबह निधन हो गया था।

उन्होंने अपने ही चाचा को हराकर पहली बार नागौर में कमल खिलाया था। मनीष मिर्धा के मुताबिक, भानु प्रकाश मिर्धा ने गुरुवार सुबह करीब 10:45 बजे 72 साल की उम्र में अपने निवास पर ही अंतिम सांस ली। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे।

नागौर के पूर्व सांसद सीआर चौधरी ने दी श्रद्धांजलि

शुक्रवार को पारिवारिक सदस्यों में ज्योति मिर्धा, प्रेमप्रकाश, रिछपाल मिर्धा, भूराराम, तेजपाल, विजयपाल मिर्धा सहित परिवार के सदस्य जोधपुर स्थित मिर्धा फार्म पर मौजूद रहे। नागौर के पूर्व सांसद एवं किसान आयोग के अध्यक्ष सीआर चौधरी भी उन्हें श्रद्धांजलि देने यहां पहुंचे।

जानिए, भानुप्रकाश मिर्धा का राजनीतिक सफर

भानु प्रकाश मिर्धा का जन्म 27 मार्च 1953 को हुआ था। वे 11वीं लोकसभा के सदस्य रहे। वरिष्ठ किसान नेता नाथूराम मिर्धा के छोटे बेटे थे और पारिवारिक राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाने वाले प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। सन् 1996 में अपने पिता नाथूराम मिर्धा के निधन के बाद खाली हुई नागौर सीट पर 1997 में हुए उपचुनाव में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर चुनाव लड़ा था।

चुनाव में उन्होंने अपने ही चाचा और कांग्रेस के दिग्गज नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री रामनिवास मिर्धा को हराया था। इसे लेकर उस समय प्रदेश की राजनीति में बड़ी चर्चा हुई थी। वे मूल रूप से नागौर के रहने वाले थे और लंबे समय तक किसान और ग्रामीण हितों से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय राजनीति में रहे। हालांकि, बाद में वे सक्रिय राजनीति से थोड़ा दूर हो गए थे।

भानुप्रकाश मिर्धा का श्रीगंगानगर से गहरा नाता

भानुप्रकाश मिर्धा का श्रीगंगानगर के प्रतिष्ठित सहारण परिवार से भी गहरा रिश्ता था। वे समाजसेवी और किसान नेता कृष्ण सहारण ‘मदेरां’, महेंद्र सहारण और साहबराम सहारण के बहनोई थे। उनके निधन पर श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ क्षेत्र के किसान नेताओं ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है। उनके परिवार में पत्नी इंद्रा मिर्धा, पुत्र मनीष और भास्कर मिर्धा व दो पौत्रियां दिविजा और हिरण्या हैं।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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