प्रदेश के सबसे बड़े सरकारी हॉस्पिटल सवाई मानसिंह (एसएमएस) में मरीजों की परेशानी यहां मौजूद अधिकारियों की लापरवाही से ज्यादा बढ़ रही है। करीब एक महीने से तैयार पड़ी लिफ्ट प्रशासन ने अब तक चालू नहीं की है। यह तब है, जब इस लिफ्ट को लगाने का पैसा किसी प्राइवेट कंपनी या संस्था के सीएसआर फंड से दिया गया है।
मैन बिल्डिंग में मौजूद 12 नंबर हॉल (सीटी-एमआरआई सेंटर के पास) से पहले बनी इस लिफ्ट के जरिए प्लास्टिक सर्जरी, रूमेटोलॉजी और जनरल मेडिसिन के कुल 9 वार्डों में भर्ती होने वाले मरीजों को इसी लिफ्ट से पहुंचाया जाता था। लेकिन पिछले करीब पौने दो साल से यह लिफ्ट बंद है। खराब होने के कारण इन यूनिटों में भर्ती होने वाले मरीजों को अब ट्रॉली से रैम्प के जरिए एक से लेकर चौथी मंजिल तक ले जाना पड़ता है।

6 माह से ज्यादा से से चल रहा काम किसी संस्था की ओर से सीएसआर फंड में से 50 लाख रुपए हॉस्पिटल प्रशासन को दिए गए, जिसके बाद इस जगह पर नई लिफ्ट लगाने का काम शुरू करवाया गया। यह काम करीब 6 माह चला और अब पूरा हुआ है। काम पूरा हुए करीब एक माह होने वाला है, लेकिन पीडब्ल्यूडी से जुड़े अधिकारी इसे अब तक शुरू नहीं करने दे रहे। जिम्मेदार इसके पीछे कारण वार्षिक रखरखाव का टेंडर नहीं होना और किसी जनप्रतिनिधि से इसका लोकार्पण करवाना बता रहे हैं।
अतिरिक्त अधीक्षक डॉ. आलोक तिवाड़ी (पीडब्ल्यूडी MOIC) का कहना है कि लिफ्ट तैयार है, लेकिन वार्षिक रखरखाव कॉन्ट्रेक्ट (एएमसी) होना बाकी है। उसकी प्रक्रिया चल रही है। जैसे ही एएमसी पूरी हो जाएगी, तब किसी जनप्रतिनिधि से इसका फीता कटवाकर शुरू करवा देंगे।





