मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा एवं नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री झाबर सिंह खर्रा के नेतृत्व में जयपुर शहर के सुनियोजित विकास की दिशा में जयपुर विकास प्राधिकरण निरंतर कार्यरत है।
जयपुर विकास आयुक्त सिद्धार्थ महाजन की अध्यक्षता में प्राधिकरण के निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जेडीसी ने अभियांत्रिकी शाखा के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ शहर में चल रहे प्रमुख प्रोजेक्ट्स की प्रगति रिपोर्ट ली और उन्हें समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान सीबीआई फाटक आरओबी, सालीग्रामपुरा आरओबी, त्रिवेणी नगर से गुर्जर की थड़ी तक एलिवेटेड रोड, सिविल लाइन्स आरओबी और सांगानेर एलिवेटेड रोड सहित अन्य निर्माणाधीन प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई। उक्त प्रोजेक्ट्स में आ रही विभिन्न समस्याओं की प्रभावी मॉनिटरिंग करते हुए निस्तारण करने के निर्देश दिये।
जेडीसी सिद्धार्थ महाजन ने एक अभिनव दृष्टिकोण अपनाते हुए कहा कि एलिवेटेड रोड और आरओबी के ऊपर तो आमजन को निर्बाध यातायात मिल रहा है एवं 70-80 प्रतिशत ट्रेफिक भी ऊपर से ही गुजर रहा है। परन्तु इनके नीचे कम ट्रेफिक होने पर भी विभिन्न स्थानों पर ट्रेफिक सिग्नल है, जिससे यातायात में अनावश्यक रूकावट उत्पन्न हो रही है। जेडीसी ने इस समस्या को दृष्टिगत रखते हुए एलिवेटेड रोड व आरओबी के नीचे गुजर रहे यातायात के सुचारू एवं निरंतर संचालन हेतु कम व्यस्तम चौराहों/तिराहों पर ट्रैफिक सिग्नलस के स्थान पर रोटरी निर्माण हेतु फिजीबिलेटी देखते हुए कार्ययोजना तैयार करने के लिए कहा। भविष्य में यातायात दबाव बढ़ने या आवश्यकता होने पर रोटरी को हटाया भी जा सकेगा, जिससे यह व्यवस्था लचीली बनी रहेगी।
शहर में बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए, जेडीसी ने अधिकारियों को दीर्घकालीन समय के ट्रैफिक परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए निर्बाध एवं सुगम यातायात कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य शहरवासियों को दीर्घकालीक समय तक सुगम, सुरक्षित एवं निर्बाध यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना है।





