प्रभारी सचिव डीग एवं संभागीय आयुक्त भरतपुर नलिनी कठोतिया ने गुरुवार को पंचायत समिति सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक ली।बैठक में उन्होंने राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप प्रशासन की सक्रियता और जनहित की योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की।संभागीय आयुक्त ने ग्राम उत्थान शिविरों की प्रगति की समीक्षा करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग और विद्युत विभाग इन शिविरों में विशेष सजगता बरतें।उन्होंने कहा कि ग्राम स्तर पर पानी और बिजली से जुड़ी समस्याएं, विशेषकर विद्युत मीटर कनेक्शन न होने जैसी शिकायतों का मौके पर ही गंभीरतापूर्वक और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे कार्यालयों तक सीमित न रहें,बल्कि राज्य सरकार की प्राथमिकता के अनुसार क्षेत्र में जाकर वास्तविक स्थिति का जायजा लें और मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए कार्य करें।इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजकुमार कस्वां मौजूद रहे।
बैठक के दौरान विभिन्न विभागीय योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए श्रीमती कठोतिया ने खाद्य सुरक्षा योजना में पंजीकृत लाभार्थियों की संख्या का बारकी से अवलोकन किया। उन्होंने कामां और कुम्हेर उपखंडों में इस योजना की धीमी प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए संबंधित अधिकारियों को इसमें तत्काल सुधार लाने और पात्र लोगों को जोड़ने के निर्देश दिए।इसी क्रम में कृषि विपणन विभाग को भी अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाते हुए निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध रूप से पूर्ण करने के लिए पाबंद किया गया।कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान संभागीय आयुक्त ने कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान,मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान और पीएम आवास योजना (कृषि) जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं में आमजन को अधिक से अधिक प्रेरित करने पर जोर दिया।पंच गौरव के तहत किए गए कार्यों के विषय में कृषि विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि जिले के सभी उपखंडों में शिविर आयोजित कर योजनाओं की जानकारी दी गई है।साथ ही अटल प्रगति पथ के कार्यों में भी अपेक्षित गति लाने के निर्देश दिए गए।
राजस्थान संपर्क पोर्टल पर लंबित प्रकरणों को लेकर प्रभारी सचिव ने सख़्त निर्देश दिए।उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आत्म-चिंतन करें और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से अपने विभाग की पेंडेंसी को समाप्त करें।उन्होंने स्पष्ट किया कि परिवादों का केवल कागजी निस्तारण पर्याप्त नहीं है, बल्कि अधिकारी स्वयं परिवादियों से दूरभाष पर वार्ता करें ताकि उनके संतुष्टि स्तर में वृद्धि हो सके और प्रशासन के प्रति उनका विश्वास सुदृढ़ हो।अपने अधीनस्थ कार्मिकों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित मामलों को शून्य स्तर पर लाने की हिदायत दी गई।
भविष्य की चुनौतियों और कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर चर्चा करते हुए संभागीय आयुक्त ने प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को जन-जन तक पहुँचाने के लिए एक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि अधिकारी फील्ड में जाकर नागरिकों को इस योजना के लाभों के प्रति जागरूक एवं अभिप्रेरित करें ताकि आवंटित लक्ष्यों की प्राप्ति की जा सके। इसके अतिरिक्त,आगामी ग्रीष्म ऋतु और वर्षा ऋतु को दृष्टिगत रखते हुए अभी से एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए ताकि भविष्य में पेयजल या जलभराव जैसी समस्याओं का सामना न करना पड़े।बैठक के अंत में उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषाहार की गुणवत्ता और अन्य आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा सभी उपलब्ध संसाधनों का समेकित उपयोग करते हुए आमजन को अधिकतम लाभ पहुँचाने की बात कही।






