भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में राजस्थान की सांस्कृतिक और धार्मिक धरोहरों के पुनरुद्धार हेतु राज्य सरकार द्वारा निरंतर ऐतिहासिक निर्णय लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री ओंकार सिंह लखावत ने गुरुवार को पूंछरी क्षेत्र का दौरा कर वहाँ संचालित विकास कार्यों, सौंदर्यीकरण और जनसुविधाओं की उच्च स्तरीय समीक्षा की।
₹67 करोड़ के विकास कार्यों की समीक्षा एवं समयबद्धता
निरीक्षण के पश्चात मीडिया से मुखातिब होते हुए श्री लखावत ने जानकारी दी कि क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के लिए लगभग 67 करोड़ रुपये के कार्यादेश पूर्व में ही जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने प्रशासनिक गंभीरता के साथ निर्देशित किया कि कार्यों की गति में तीव्रता लाई जाए। अध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया कि आगामी पखवाड़े के भीतर चल रहे विकास कार्यों के पूर्ण होने की प्रबल संभावना है, जिससे श्रद्धालुओं को अविलंब सुविधा प्राप्त हो सकेगी।

वैज्ञानिक ड्रेनेज सिस्टम और जल प्रबंधन पर बल
अध्यक्ष श्री लखावत ने ड्रेनेज और सीवरेज प्लान की समीक्षा करते हुए इसे सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के अनुरूप भरतपुर विकास प्राधिकरण को जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने में अपनी प्रभावी भूमिका निभानी होगी। इसके साथ ही, उन्होंने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि कुंडों और पोखरों से जल निकासी की सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि परिक्रमा मार्ग का स्वरूप भव्य और निर्बाध बना रहे।
‘कृष्ण गमन पथ’ और पौराणिक विरासत का संरक्षण
श्री लखावत ने कहा कि विकास कार्यों में भगवान श्री कृष्ण की दिव्य लीलाओं को प्रदर्शित करने वाले तत्वों का समावेश अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने बताया कि मथुरा से उज्जैन तक प्रस्तावित कृष्ण गमन पथ कॉरिडोर और बृज चौरासी कोस परिक्रमा मार्ग के सुदृढ़ीकरण हेतु निविदा प्रक्रिया आगामी दिवसों में पूर्ण कर ली जाएगी।
प्रशासनिक निरीक्षण एवं मानचित्र अवलोकन
दौरे के दौरान जिला कलेक्टर डीग उत्सव कौशल एवं तहसीलदार जुगीता मीना ने अध्यक्ष को क्षेत्र के समग्र विकास हेतु तैयार किया गया विस्तृत मानचित्र दिखाया। श्री लखावत ने मानचित्र का सूक्ष्म अवलोकन करते हुए मौके पर जाकर भौतिक प्रगति का मुआयना किया। उन्होंने परिक्रमा मार्ग की पक्की सड़कों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। श्री लखावत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि क्षेत्र की धार्मिक मर्यादा और श्रद्धालुओं की श्रद्धा को ध्यान में रखते हुए समस्त कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ समय सीमा में पूर्ण किए जाएं।





