जोधपुर एम्स में काम करने वाले बागवान की मौत के बाद परिजन धरने पर बैठ गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि बागवान से ऊंचाई पर चढ़कर पेड़ों की छंगाई का जोखिम भरा काम कराया गया। बैलेंस बिगड़ने पर वो नीचे गिरे और इलाज के दौरान मौत हो गई।
परिजनों ने शव लेने से मना करते हुए प्रशासन से एक करोड़ मुआवजा और आश्रित को संविदा पर नौकरी की मांग की।
घटना की सूचना पर एसीपी छवि शर्मा और बासनी थाना अधिकारी नितिन दवे मौके पर पहुंचे। एम्स हॉस्पिटल के प्रशासनिक अधिकारी परिजनों से बात कर रहे हैं। खबर लिखे जाने तक सहमति नहीं बनी।
बैलेंस बिगड़ने पर पेड़ से नीचे गिरे थे
जोधपुर एम्स मांगीलाल बागवानी का काम करते थे। परिजनों का आरोप है कि मांगीलाल 28 जनवरी को एम्स हॉस्पिटल में एक निजी कंपनी के तहत बागवानी काम कर रहे थे।
बागवानी काम के बावजूद उनसे और उनके एक साथी से ऊंचाई पर चढ़कर पेड़ों की छंगाई का जोखिम भरा काम कराया गया।
इस दौरान बैलेंस बिगड़ने से वे नीचे गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान गुरुवार को दम तोड़ दिया।
परिवार का कहना है कि बागवानी के अलावा अन्य खतरनाक काम कराए जाने के कारण हादसा हुआ है, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित निजी कंपनी और प्रशासन की है।





