‘कंप्लायंस रिडक्शन एंड डी-रेगुलेशन फेज-2’ के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में शुक्रवार को शासन सचिवालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव ने कहा कि ʻकंप्लायंस रिडक्शन एंड डी-रेगुलेशनʼ के प्रथम चरण में चिन्हित सभी प्राथमिक क्षेत्रों में राज्य सरकार ने बेहतर कार्य किया है, राजस्थान इसके दूसरे चरण में भी इसी प्रकार कार्य करना सुनिश्चित करें। उन्होंने फेज-2 के बेहतर क्रियान्वयन की कार्ययोजना आगामी 10 फरवरी तक तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
श्री श्रीनिवास ने कहा कि अनावश्यक नियमों और जटिल प्रक्रियाओं को समाप्त कर नागरिकों, उद्योगों और उद्यमियों के लिए सुगम, पारदर्शी एवं प्रभावी व्यवस्था विकसित करना इन सुधारों का मुख्य उद्देश्य है। कंप्लायंस रिडक्शन और डी-रेगुलेशन से सेवाओं की गति और गुणवत्ता में सुधार होगा तथा राज्य के प्रशासनिक और आर्थिक ढांचे में सकारात्मक बदलाव आएगा। उन्होंने कहा कि इन सुधारों के सफल क्रियान्वयन से व्यवसायों को बार-बार अनुमति लेने, दस्तावेज़ जमा करने और निरीक्षण संबंधी जटिलताओं से राहत मिलेगी। इससे विशेष रूप से स्टार्टअप्स, एमएसएमई और नए उद्यमियों को लाभ होगा तथा उनके समय, लागत और संसाधनों की बचत सुनिश्चित हो सकेगी।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे व्यापक, संरचनात्मक और दूरदर्शी सुधारों के परिणामस्वरूप राजस्थान ने कंप्लायंस रिडक्शन और डी-रेगुलेशन के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में अपनी स्थिति को और अधिक सुदृढ़ किया है। शिखर अग्रवाल ने कहा कि फेज-2 के अंतर्गत निर्धारित सभी क्षेत्रों के लिए संबंधित विभागों की भूमिकाएं स्पष्ट रूप से निर्धारित कर ली गई हैं तथा इसकी कार्ययोजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
बैठक में भूमि उपयोग, भवन निर्माण, यूटिलिटीज़ और विभिन्न अनुमतियां, विद्युत, पर्यावरण, पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य से जुड़े रिफॉर्म्स पर चर्चा की गई।
इस दौरान अतिरिक्त मुख्य सचिव, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा कुलदीप रांका, अतिरिक्त मुख्य सचिव, वन एवं पर्यावरण आनंद कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव पर्यटन, प्रवीण गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय, दिनेश कुमार सहित संबंधित विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।





