ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) हीरालाल नागर ने सोमवार को विधानसभा में कहा कि विधानसभा क्षेत्र राजसमंद के सांगठ कलां, साकरोदा, सापोल एवं पीपली आचार्य क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति में सुधार के लिए प्रभावी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि सांगठ कलां में पूर्व में ही 33 केवी का जीएसएस स्थापित किया जा चुका है। साकरोदा के गाछोला गुड़ा में कम वोल्टेज की समस्या के समाधान के लिए आरडीएसएस योजना के अंतर्गत 16 केवीए सिंगल फेज ट्रांसफार्मर स्थापित किए गए हैं। वहीं, साकरोदा मुख्य गांव में 40 केवीए ट्रांसफार्मर के स्थान पर उच्च क्षमता का नया ट्रांसफार्मर स्थापित कर वोल्टेज समस्या का निवारण किया गया है।
उन्होंने बताया कि सापोल गांव में भी 33 केवी जीएसएस स्थापित हो चुका है। सांगठ कलां, साकरोदा, सापोल एवं पीपली आचार्य पहाड़ी एवं वन क्षेत्र में स्थित होने के कारण वर्षा ऋतु में आंधी-तूफान से विद्युत तंत्र प्रभावित होता है, जिस पर विभाग द्वारा शीघ्र आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि पीपली आचार्य में भी जीएसएस स्थापना के लिए भूमि की एन ओ सी प्राप्त होने क बाद इस संबंध में समुचित निर्णय किया जाएगा ।
ऊर्जा राज्य मंत्री प्रश्नकाल के दौरान विधायक दीप्ति किरण माहेश्वरी द्वारा इस संबंध में पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राजसमंद विधानसभा क्षेत्र में कृषि एवं गैर कृषि फीडर पृथक्कीकरण के लिए कुल 26 फीडर स्वीकृत हैं, जिनमें से 9 का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा 4 फीडर का कार्य प्रगतिरत है। इसके अतिरिक्त 11 केवी के 10 फीडरों का विभक्तिकरण स्वीकृत किया गया, जिनमें से 6 का कार्य पूर्ण किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशानुसार किसानों को कृषि कार्य के लिए दिन में 6 घंटे विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
इससे पहले सदस्य के मूल प्रश्न के लिखित जवाब में ऊर्जा राज्य मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा विद्युत आपूर्ति की विश्वसनीयता बढाने, लाइन-लॉस कम करने तथा उपभोक्ता सेवा सुधार के उद्देश्य से विगत तीन वर्षो में ऊर्जा क्षेत्र में ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रिब्यूशन (T&D) सुधार के लिए विभिन्न प्रयास किये जा रहे है। जिनका विवरण उन्होंने सदन के पटल पर रखा। इसी प्रकार विगत तीन वर्षो में ट्रांसमिशन एवं डिस्ट्रिब्यूशन सुधार से संबंधित योजनाओं/परियोजनाओं का वर्षवार विवरण भी उन्होंने सदन के पटल पर रखा।
उन्होंने बताया कि इन प्रयासों के परिणास्वरूप AT&C लॉस व तकनीकी हानियों में कमी दर्ज की गई है। जिससे विद्युत आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार आया है इन कमियों एवं सुधारों का विवरण उन्होंने सदन के पटल पर रखा। श्री नागर ने जानकारी दी कि स्मार्ट मीटरों की स्थापना से उपभोक्ताओं के विद्युत बिल मानवीय हस्तक्षेप के बिना जारी किए जा रहे हैं, जिससे बिलिंग एक्यूरेसी एवं एफिशियेंसी (Accuracy and Efficiency) के साथ समग्र रूप से पारदर्शिता में सुधार आया है तथा उपभोक्ताओं की गलत रीडिंग से संबंधित शिकायतों में कमी आई है।
उन्होंने जानकारी दी कि आरडीएसएस योजना के अंतर्गत यूनिफाइड बिलिंग सिस्टम की स्थापना की जा चुकी है, जिसके माध्यम से ऑन-द-स्पॉट बिल जारी किए जा रहे हैं। साथ ही, उपभोक्ताओं की सुविधा हेतु ‘’बिजली मित्र‘’ नाम से एक मोबाइल एप विकसित किया गया है। जिसके माध्यम से उपभोक्ता अपनी खाता जानकारी, बिल देखना, ऑनलाइन भुगतान तथा शिकायतों का पंजीकरण कर सकते हैं। जिसके परिणामस्वरूप उपभोक्ता संतुष्टि स्तर में सुधार हुआ है।
उन्होंने बताया कि राजस्थान राज्य विद्युत प्रसारण निगम में विद्युत आपूर्ति की औसत अवधि में भी उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।






