जयपुर के रामनगरिया थाना क्षेत्र में 13 फरवरी की रात भैंस चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई। चोर बाड़े में घुसकर दो दुधारू भैंस और दो पाड़ी चोरी कर ले गए। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से कुछ ही घंटों में मामले का खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
रात 1 से 2 बजे के बीच हुई वारदात
13 फरवरी की रात करीब 1 से 2 बजे के बीच केंद्रीय विहार के पीछे, बागडों की ढाणी क्षेत्र स्थित एक बाड़े से चोर दीवार फांदकर अंदर घुसे। वहां बंधी दो भैंस और दो पाड़ी को खोलकर पिकअप वाहन में भर लिया और फरार हो गए।
पीड़ित लक्ष्मणरान ने सुबह घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस थाना रामनगरिया में रिपोर्ट दर्ज करवाई। चोरी किए गए पशुओं की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपए बताई गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए बनी विशेष टीम
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। डीसीपी ईस्ट संजीव नैन ने बताया कि पुलिस आयुक्त सचिन मितल के निर्देश पर विशेष टीम का गठन किया गया।
थानाधिकारी चन्द्रभान सिंह के नेतृत्व में गठित टीम को आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए।

सीसीटीवी कैमरों से मिला अहम सुराग
पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आरोपियों के भागने की दिशा का पता लगाया। जांच में सामने आया कि आरोपी राजाधोक-बस्सी की ओर गए थे।
बस्सी टोल प्लाजा पर लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में एक पिकअप वाहन (RJ-32 GB-6306) में भैंस भरी हुई दिखाई दी, जो तेज गति से जयपुर से दौसा की ओर जा रही थी।
इसी आधार पर वाहन की पहचान कर तलाश अभियान तेज किया गया।
करौली से बरामद हुए चोरी के पशु
डीसीपी ईस्ट संजीव नैन ने बताया कि लगातार पीछा और मैनुअल पुलिसिंग के बाद पुलिस टीम जिला करौली के ग्राम बाढ़ महासिंहपुरा पहुंची, जहां से चोरी की गई दो भैंस, दो बड़ी पाड़ी और एक पाड़ा बरामद किया गया।
मौके से तीनों आरोपियों शेर सिंह गुर्जर (30), निवासी बाढ़ महासिंहपुरा, सोन सिंह गुर्जर (28), निवासी बाढ़ महासिंहपुरा और रफिक खान (32), निवासी हिण्डौन, करौली को गिरफ्तार कर वारदात में प्रयुक्त पिकअप वाहन भी जब्त किया गया। पुलिस के अनुसार शेर सिंह गुर्जर आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले भीं चोरी के कई मामले दर्ज हैं।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
जांच में सामने आया कि आरोपी पहले ऐसे स्थानों की रेकी करते थे, जहां पशु रिहायशी इलाकों से दूर बंधे होते थे। इसके बाद रात में दीवार फांदकर बाड़े में प्रवेश कर पशुओं को पिकअप में भरकर ले जाते थे। 13 फरवरी की रात भी इसी तरीके से चोरी की वारदात को अंजाम दिया गया






