राज्य सरकार ने सोमवार को विधानसभा में स्पष्ट किया है कि कंप्यूटर अनुदेशक कैडर में बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक एवं वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक के नवीन पदों के सृजन का फिलहाल कोई विचार नहीं है। वहीं, कंप्यूटर विज्ञान विषय को कक्षा 6 से 10 तक न तो अनिवार्य विषय घोषित किया जाएगा न ही मार्कशीट में इस विषय के अंकों को शामिल करेंगे।
सीबीएसई की तर्ज पर मार्कशीट में सम्मिलित करने का कोई भी निर्णय सरकार या विभाग की ओर से नहीं लिया गया है। न ही कोई ऐसा मामला प्रक्रियाधीन है। शिक्षा विभाग ने एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी है।
सरकार ने कहा कि वर्तमान में माध्यमिक शिक्षा विभाग अंतर्गत 9862 बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक पदनाम को कंप्यूटर शिक्षक ग्रेड द्वितीय एवं 1182 वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक को व्याख्याता कंप्यूटर शिक्षा के नवीन पद सृजित कर समायोजित करने का कोई विचार नहीं है।
इन पदों के पदीय दायित्व में कक्षा एक से 12 तक विद्यार्थियों को कंप्यूटर संबंधित विषयवस्तु का शिक्षण सम्मिलित है। लेकिन इस विषय का शिक्षण तकनीकी प्रकृति का है। यही वजह है कि इन्हें शिक्षक के स्थान पर अनुदेशक पदनाम दिया गया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि कंप्यूटर विषय में योग्यताधारी आशार्थियों को इसी कारण बीएड पाठ्यक्रम के लिए पात्र नहीं माना जाता है।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से वर्ष 2001 से कक्षा 9 एवं 10 में कंप्यूटर विषय पढ़ाया जा रहा है। परीक्षा के बाद मार्कशीट में कंप्यूटर के अंकों को इंद्राज किया जाता है। लेकिन विद्यार्थी के श्रेणी निर्धारण में कंप्यूटर के अंकों को सम्मिलित नहीं किया है। इन दोनों कक्षाओं में यह एच्छिक विषय के रुप में संचालित है।
स्टाफिंग पैटर्न के माध्यम से कैडर विस्तार
राज्य सरकार ने लिखित उत्तर में बताया है कि वर्तमान में माध्यमिक शिक्षा विभाग में स्टाफिंग पैटर्न के माध्यम से कैडर विस्तार की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जिसमें बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक एवं वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक के पदीय दायित्वों का समामेश भी किया गया है। लेकिन विभाग स्तर पर कंप्यूटर अनुदेशक कैडर पुनर्गठन एवं पदोन्नति लाभ दिए जाने का कोई भी प्रस्ताव न विचाराधीन है न ही कोई प्रक्रियाधीन।






