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राजस्थान में थमा विधानसभा चुनाव प्रचार का शोर, अब घर-घर जाकर प्रत्याशी करेंगे मान मनुहार ,25 नवंबर को होगी वोटिंग

जयपुर: राजस्थान विधानसभा आम चुनाव-2023 के अंतर्गत होने वाले मतदान के लिए आज शाम 6 बजे से प्रचार-प्रसार थम गया. अब डोर टू डोर प्रचार प्रसार कर सकेंगे. 25 नवंबर को मतदान होगा. 3 दिसंबर को नतीजे सामने आएंगे. आपको बता दें कि प्रदेश में थमा विधानसभा चुनाव प्रचार का शोर थम गया है. शाम 6 बजे बाद प्रत्याशी जनसभा, रैली, जुलूस, रोड शो नहीं कर सकेंगे. आज प्रचार के आखिरी दिन सभी पार्टियों ने प्रचार में ताकत झोंकी. अब घर-घर जाकर प्रत्याशी मान मनुहार करेंगे. अगले 48 घंटे तक कोई सार्वजनिक सभा या जुलूस नहीं किया जाएगा.

ECI ने इस दौरान आचार संहिता की पालना के लिए विस्तृत दिशानिर्देश जारी किए हैं.मुख्य निर्वाचन अधिकारी  प्रवीण गुप्ताने बताया कि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 126  के अनुसार मतदान की समाप्ति के लिए तय किए गए समय के साथ समाप्त होने वाले 48 घंटों की अवधि  23 नवंबर  को सायं 6ः00 बजे से आरम्भ होकर मतदान समाप्ति अवधि  25 नवंबर  को सायं 6ः00 बजे तक प्रभावी रहेगी.

इस 48 घंटों की कालावधि के दौरान-

(1) निर्वाचन के संबंध में कोई सार्वजनिक सभा या जुलूस न बुलाएगा, न आयोजित करेगा, न उसमें उपस्थित होगा, न उसमें शामिल होगा और न उसे संबोधित करेगा.
(2) चलचित्र, टेलीविजन या वैसे ही अन्य माध्यमों से  जनता के समक्ष किसी निर्वाचन संबंधी बात का संप्रदर्शन नहीं करेगा.
(3) जनता को आकर्षित करने के लिए कोई संगीत समारोह या कोई नाट्य अभिनय या कोई अन्य मनोरंजन या आमोद-प्रमोद  के कार्यक्रम आयोजित नहीं करेगा या आयोजन की व्यवस्था नहीं करेगा.

4.जनता के समक्ष किसी निर्वाचन संबंधी बात का प्रचार नहीं करेगा.

5.कोई व्यक्ति यदि इन उपबंधों का उल्लंघन करता है तो दो वर्ष तक कारावास या जुर्माना या दोनों सजा होगी.

6.भारत निर्वाचन आयोग ने प्रासंगिक पत्रों के माध्यम से निर्देशित किया है कि कोई भी राजनैतिक व्यक्ति जो उस निर्वाचन क्षेत्र का मतदाता या अभ्यर्थी नहीं है या सांसद या विधायक नहीं है, वह उस निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद नहीं ठहर सकता.

7.यह भी निर्देश है कि अभ्यर्थी के अलावा राज्य की सुरक्षा कवच प्राप्त राजनीतिक व्यक्ति यदि निर्वाचन क्षेत्र में मतदाता है तो वह अपने मताधिकार का उपयोग करने के बाद क्षेत्र में आवाजाही नहीं करेगा.

8.ECI ने निर्वाचन मशीनरी और पुलिस प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि भारी व्यक्तियों को ठहरने वाली सामुदायिक केन्द्रों, धर्मशालाओं जैसी जगहों की  निगरानी की जाए.

9.गेस्ट हाऊस/लॉज/होटलों में ठहरने वाले व्यक्तियों की जानकारी/सत्यापन करने, बाहर से आने वाले वाहनों पर निगरानी रखने और इसके लिए चैकपोस्ट स्थापित करने और उनकी पहचान क्या है, सत्यापन करने की कार्यवाही भी करने के निर्देश दिए हैं.

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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