जयपुर(सुनील शर्मा) मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा है कि सौ दिवसीय कार्ययोजना में शामिल सभी बिन्दुओं को लागू करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। कार्ययोजना में शामिल सभी लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा किया जाए। साथ ही सभी विभागों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता एवं कार्यकुशलता को बढ़ावा देने के लिए नवाचारों को भी अपनाया जाए।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मुख्यमंत्री कार्यालय में सौ दिवसीय कार्ययोजना में शामिल बिन्दुओं एवं बजट (लेखानुदान 2024-25) घोषणाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे।बैठक में मुख्यमंत्री ने सौ दिवसीय कार्ययोजना की विभागवार समीक्षा करते हुए अधिकारियों को कार्ययोजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व मामलों का शीघ्र निस्तारण करते हुए आमजन को राहत पहुंचाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

राजस्व के लंबित प्रकरणो का तत्परता के साथ निस्तारण किया जाए।साथ ही उन्होंने राजस्व संबंधी दस्तावेजो में सुधारीकरण आदि कार्यों के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए।इस दौरान मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए एवं अधिकाधिक युवा उद्यमियों को इन योजनाओं से जोड़ा जाए।उन्होंने कहा कि उद्योग संबंधी योजनाओं,कार्यों एवं नवाचारों को स्कूल शिक्षा के पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाए,जिससे विद्यार्थियों को उद्यमशीलता के लिए प्रोत्साहित किया जा सके।इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा करवाये गए विकास कार्यों के भुगतान से पहले कार्यस्थलों का आवश्यक रूप से निरीक्षण एवं भौतिक सत्यापन किया जाए,ताकि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को संवेदको के पंजीकरण व भुगतान की प्रक्रिया के सरलीकरण की समीक्षा करते हुए इसे पारदर्शी एवं सुगम बनाने के निर्देश दिए।मीटिंग में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सहकारिता आमजन के उत्थान से जुड़ा पहलू है।उन्होंने कहा कि विभागीय कार्य एवं योजनाओं का बेहतर रूप में क्रियान्वयन आवश्यक है,ताकि धरातल पर बदलाव सुनिश्चित हो सके।साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए प्रदेश में खोले जाने वाले नये उप स्वास्थ्य केन्द्रों,प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के निर्माण कार्यों का रोडमैप तैयार किया जाये।इस दौरान उन्होंने राज्य मानसिक स्वास्थ्य प्राधिकरण के गठन, आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में बढ़ोतरी की बजट घोषणा के क्रियान्वयन सहित अन्य बिन्दुओं पर चर्चा की।मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गृह विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि राजकॉप एप्लीकेशन में बीट सत्यापन मॉड्यूल को तकनीकी दक्षता के साथ प्रभावी बनाया जाये।उन्होंने निर्देश दिये कि मॉड्यूल में उपयोगी जानकारी एक स्थान पर समावेशित रूप में उपलब्ध करवायी जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आध्यात्मिक संस्कृति को बढावा देने के उद्देश्य से त्यौहारों का आयोजन विशेष कार्ययोजना के साथ किया जाए।साथ ही प्रदेश में तीर्थस्थलों के आधारभूत विकास को बढ़ावा देते हुए दर्शनार्थियों के लिए सुविधाओं का विस्तार किया जाए।भजनलाल शर्मा ने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग की सौ दिवसीय कार्य योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश में कृषि मंडियों को आधुनिकता के साथ विकसित किया जाए।उन्होंने कहा कि कृषि मंडी के लिए भू-खण्ड एवं निर्मित दुकानों के आवंटन में सरल व प्रभावी प्रक्रिया अपनायी जाए।बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (चिकित्सा एवं स्वास्थ्य) शुभ्रा सिंह,अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) अखिल अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) शिखर अग्रवाल,अतिरिक्त मुख्य सचिव (सार्वजनिक निर्माण) संदीप वर्मा, अतिरिक्त मुख्य सचिव (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता) कुलदीप रांका, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) आनन्द कुमार सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।







