भरतपुर के हलैना में शुक्रवार दोपहर यूपी परिवहन की बस-ट्रक हादसे में जान गंवाने वाली 5 में से 4 महिलाएं रिश्तेदार थीं। मृतक महिलाओं की शिनाख्त हो चुकी है। रिश्तेदार महिलाएं जयपुर जा रही थीं। एक महिला महुआ जा रही थी। पांचों शवों का पोस्टमॉर्टम करवाया जा चुका है।
महिलाओं के परिजन इमरान ने बताया- हादसे में घायल हुई 3 साल की बच्ची अल्फीजा और 1 साल के बच्चे अल्फेज की मां का नाम यासमीन था। यासमीन का पीहर मथुरा नई बस्ती में था। ससुराल मथुरा के सरस्वती कुंड इलाके में था।
उत्तर प्रदेश के जेवर से यासमीन की दो भांजियां खुशबु (16) और रेशम (17) आई हुई थीं। यासमीन अपने दोनों बच्चे, दोनों भांजी और सास नूरजहां (68) के साथ जयपुर में अपनी बहन शर्मीली के घर घूमने जा रही थी।
सभी लोग करीब 11 बजे मथुरा से निकले थे। जब वह देर शाम तक जयपुर नहीं पहुंचे तो परिजन परेशान हुए। यासमीन के पति मकबूल ने शर्मीली के घर फोन किया। उसने बताया कि उनके यहां अभी तक कोई नहीं पहुंचा है।
इसके बाद उन्होंने यूपी रोडवेज से संपर्क किया। तब पता लगा कि वे जिस बस से जा रहे थे, उसका भरतपुर के हलैना इलाके में एक्सीडेंट हो गया। उन्हें यह नहीं पता था कि सभी लोगों की कैसी हालत है। वे देर रात भरतपुर पहुंचे। तब उन्हें पता लगा कि यासमीन, नूरजहां, खुशबू और रेशम की दुर्घटना में मौत हो चुकी है।
यासमीन के दोनों बच्चे अल्फेज और अल्फीजा आरबीएम अस्पताल में भर्ती हैं। यासमीन का शव आरबीएम अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखा हुआ है। परिजन पहले हलैना पहुंचे। वहां पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई करवाई गई। उसके बाद वे आरबीएम अस्पताल पहुंचे।
वहां यासमीन के शव का पोस्टमॉर्टम करवाया गया। पुलिस ने दोनों बच्चों की कस्टडी यासमीन के परिजनों को दे दी।






