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राजस्थान के 22 जिलों में आज भी बारिश का अलर्ट:प्रदेश में बरसात का कोटा पूरा, लेकिन दक्षिणी हिस्सा सूखा; अब धीमा होगा मानसून

राजस्थान में इस बार मानसून ने डेढ़ माह पहले ही पूरे सीजन की बारिश का कोटा पूरा कर दिया। वहीं, जयपुर में बुधवार शाम हुई तीन घंटे की बरसात में पूरा शहर डूबा सा नजर आया। सचिवालय, एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, परकोटे का क्षेत्र सहित शहर के सभी इलाकों में दो-तीन फीट पानी भर गया।

शहरवासी करीब चार-पांच घंटों तक अलग-अलग इलाकों में दो-तीन किलोमीटर लंबे जाम में फंसे रहे। जयपुर में एक अगस्त से लगातार बारिश का दौर जारी है।

करीब 15 दिन में प्रशासन जलजमाव से बचाव को लेकर कोई पुख्ता प्लानिंग नहीं कर सका है। वहीं, पूरे प्रदेश में दक्षिणी राजस्थान के 10 जिलों को छोड़ दें तो लगभग सभी जिलों में इस बार औसत पानी बरसा है।

इधर, मौसम विशेषज्ञों का दावा है कि प्रदेश में 17 अगस्त से बारिश का दौर धीमा हो जाएगा। हालांकि, आज भी जयपुर सहित 22 जिलों में बारिश का येलो अलर्ट (हल्की से मध्यम) जारी किया गया है।

पूरे सीजन का ​तोड़ा रिकॉर्ड

वहीं पूरे मानसून सीजन (1 जून से 30 सितम्बर तक) में औसत बरसात 415MM होती है, जबकि इस सीजन में 14 अगस्त तक 416MM बरसात हो गई। इस बार मानसून सबसे ज्यादा जयपुर, भरतपुर, अजमेर और बीकानेर संभाग पर मेहरबान रहा। वहीं उदयपुर, कोटा में इस बार मानसून रूठा रहा। इस कारण यहां के जिलों में औसत से भी कम बारिश हुई। यहां के बड़े प्रमुख बांध (माही बजाज, सोमकमला अम्बा, जाखम, राणा प्रताप सागर, बीसलपुर, जवाई बांध) फुल नहीं हुए।

जयपुर, जोधपुर, नागौर में तेज बारिश

पिछले 24 घंटे में जयपुर, जोधपुर और नागौर जिले में तेज बारिश हुई, जबकि टोंक, सीकर, झुंझुनूं, दौसा, करौली, सवाई माधोपुर समेत अन्य जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। सबसे ज्यादा बरसात नागौर जिले के संजू एरिया में 104MM दर्ज हुई। वहीं जोधपुर के फलौदी एरिया में 88 और तिनवारी में 90MM दर्ज हुई।

राजधानी जयपुर में भी शाम करीब 6 बजे बाद कई इलाकों में भारी बारिश हुई। तेज बारिश से जयपुर में एक बार फिर सड़कों पर एक-एक फीट से ज्यादा पानी भर गया। इससे पहले जयपुर में बुधवार को दिन में धूप भी निकली, लेकिन शाम होने के बाद बारिश का दौर शुरू हो गया, जो रात में भी रुक-रुक कर जारी रहा।

5 साल में ड्रेनेज पर 410 करोड़ खर्च, फिर भी डूबा शहर

शहर के विकास, सार-संभाल के लिए जिम्मेदार जेडीए और दोनों निगम हर बारिश के बाद असहाय नजर आते हैं। जेडीए-निगम 5 साल में ड्रेनेज सिस्टम बनाने/सुधारने पर 410 करोड़ से ज्यादा खर्च कर चुके हैं। लेकिन, असलियत यह है कि पूरे जयपुर के एक भी जोन में पूरा ड्रेनेज सिस्टम नहीं है। इतने खर्च से तो पूरा नया ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जा सकता है।

17 अगस्त से धीमा होगा बारिश का दौर

मौसम केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि राजस्थान के उत्तर-पूर्वी हिस्से पर अब भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन (परिसंचरण तंत्र) मौजूद है। मानसून ट्रफ लाइन अब भी अपनी नॉर्मल पॉजिशन से होकर गुजर रही है। इस सिस्टम के कारण आज भरतपुर, जयपुर, अजमेर और कोटा संभाग के कुछ भागों में तेज और कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। पूर्वी राजस्थान में 16-17 अगस्त के बाद बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है।

51 दिन में पूरी मानसून की बारिश

राजस्थान में इस बार मानसून ने समय पर एंट्री की और तब से अब तक लगातार राज्य में बारिश का दौर जारी है। 25 जून से 14 अगस्त तक यानी 51 दिन में राजस्थान में औसतन 416MM बरसात हुई। इसमें सबसे ज्यादा बरसात पिछले 14 दिन के अंदर हुई, जिससे मानसून का काेटा समय से डेढ़ माह पहले ही कोटा पूरा हो गया। राज्य में मानसून का सीजन 1 जून से 30 सितम्बर तक माना जाता है।

10 जिलों में 80 फीसदी से कम बारिश

राजस्थान में ओवरऑल मानसून की बारिश का कोटा पूरा हो गया, लेकिन जिलेवार रिपोर्ट देखे तो 31 में से 10 ऐसे जिले है, जहां 80 फीसदी भी बारिश नहीं हुई है। ये जिले कोटा, उदयपुर और जोधपुर संभाग के है। इसमें पाली, जालोर, उदयपुर, सिरोही, प्रतापगढ़, झालावाड़, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, भीलवाड़ा, बारां और बांसवाड़ा शामिल हैं।

इन एरिया में हर सीजन में औसत बारिश 600 से लेकर 900MM तक बरसात होती है। यहां अब तक सामान्य बारिश 294.3 एमएम होती है, जो इस बार 415.19 एमएम हुई है। राजस्थान इस साल मानसून में सबसे ज्यादा बरसात दौसा में व सबसे कम श्रीगंगानगर में हुई।

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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