जेडीए में आमजन की फाइलाें पर कुंडली मारकर बैठे अधिकारी-कर्मचारियों पर जेडीए अफसरों ने सख्ती शुरू कर दी है। सात दिन में निस्तारित हाेने वाली फाइल अधिकारी-कर्मचारी 35-40 दिन में भी निस्तारित नहीं कर रहे। पेंडेंसी के चलते सोमवार को सचिव ने एक साथ 23 अधिकारी-कर्मचारियाें काे नाेटिस थमाते ही जेडीए में हड़कंप मच गया। जेडीए में पहली बार फाइल पेंडेंसी काे लेकर अलग-अलग जाेन में एक साथ इतने कर्मचारियाें काे नाेटिस जारी हुएभी से फाइल तय समय से ज्यादा दिन तक राेकने के लिए तीन दिन में जवाब मांगा है। जेडीए सेक्रेटरी निशांत जैन ने राजकाज के जरिए ऑनलाइन निस्तारित हाेेने वाली फाइलाें काे पेंडेंसी की जांच में पाया कि हर जाेन में अधिकारी-कर्मचारी तय समय पर फाइल निस्तारण नहीं कर रहे। जाेन-13 में सहायक प्रशासनिक अधिकारी 36, पीआरएन साउथ प्रथम में तहसीलदार 25, जाेन 9 में सहायक प्रशासनिक अधिकारी 11 फाइलें दाे से तीन हफ्ते से राेककर बैठे हुए हैं। कुल 151 फाइलें हफ्तों से रुकी हुई हैं।
हर स्टेज पर राेकी जा रहीं फाइलें
फाइल काे पेंडेंसी को लेकर किसी एक जाेन में नहीं, बल्कि सभी जाेनाें में एक जैसी स्थिति मिली। आमजन के पट्टे, सब डिवीजन, नाम ट्रांसफर जैसी ऑनलाइन फाइल एक अधिकारी 7 दिन से ज्यादा पेंडिंग नहीं रख सकता, लेकिन जेडीए में हर स्तर पर फाइलें राेकी जा रही हैं। सभी जाेनाें में उपायुक्त, तहसीलदार, एईएन, जेईएन, पटवारी, अमीन, कनिष्ठ सहायक, ड्राफ्टमैन, सहायक प्रशासनिक अधिकारी फाइलाें काे निस्तारण नहीं कर रहे।
पहली बार एकसाथ इतने अधिकारी-कर्मचारियाें काे नाेटिस
उपायुक्त दीपक खटाना, तहसीलदार काेमल शर्मा, नरेंद्र चौहान, सीमा शर्मा, मानवेन्द्र जायसवाल, सहायक लेखाकार अजीत कुमार जैन, कनिष्ठ सहायक आकाश, हनुमान सहाय सेन, शाेभा शर्मा, सहायक प्रशासनिक अधिकारी अंबाली शर्मा, राकेश माैर्य, नरेश कुमार शर्मा, वरिष्ठ सहायक कृष्ण माेहन टांक, आशीष बैरवा, आशीष प्रताप शर्मा, जेईएन बाला मीना, पटवारी देवेन्द्र सिंह, कनिष्ठ अभियंता प्रदीप कुमार, वरिष्ठ प्रारूपकार राजेश कुमार शेषमा, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी रामप्रसाद मीणा, वरिष्ठ सहायक रमेश कुमार मीणा, सहायक प्रशासनिक अधिकारी रामफूल मीणा और साेनू मीणा काे नाेटिस दिए हैं।






