एसआई भर्ती परीक्षा-2021 के मामले एसओजी ने सगे बहन-भाई को गिरफ्तार किया है। दोनों प्रियंका और दिनेश आरपीए में ट्रेनिंग कर रहे थे। दोनों के पास एग्जाम का पेपर पहले ही आ गया था। एसओजी की पूछताछ में दोनों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। इसके बाद एसओजी ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
एसओजी के एडीजी वीके सिंह ने बताया- एसआई भर्ती-2021 पेपर लीक केस में एसओजी की कार्रवाई निरंतर जारी है। एसओजी के पास जैसे-जैसे सूचना आ रही है। उसकी पुष्टि करने के बाद जांच की जाती है और दोषी मिलने पर गिरफ्तारी की जाती है। इसी कड़ी में रविवार को आरपीए में ट्रेनिंग कर रहे दो ट्रेनी एसआई सगे भाई-बहन दिनेश (27) और प्रियंका (28) को गिरफ्तार किया गया।
प्रारंभिक पूछताछ में दिनेश ने बताया- वह भूपेंद्र सारण गैंग से पेपर खरीदकर लाया था। घर जाकर बहन को भी पेपर के बारे में बताया। पेपर मिलने के बाद दोनों ने तैयारी की और परीक्षा पास करके एसआई बन गए। दोनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद एसओजी ने दोनों की गिरफ्तारी की। वहीं, कुछ अन्य लोगों से भी एसओजी मुख्यालय में पेपर लीक के संबंध में पूछताछ चल रही है।
भूपेंद्र सारण के भाई गोपाल सारण ने दिया था पेपर
एडिशनल एसपी रामसिंह ने बताया- दिनेश विश्नोई और प्रियंका विश्नोई के पिता भागीरथ विश्नोई की मुलाकात साल 2021 में जोधपुर जेल में भूपेंद्र सारण के भाई गोपाल सारण और ओमप्रकाश फौजी से हुई थी। भागीरथ विश्नोई एनडीपीएस के एक केस में जेल गया हुआ था। गोपाल सारण ने अपने भाई भूपेंद्र सारण से पेपर लेकर जयपुर के हीरापुरा में प्रियंका को दिया था। दूसरी शिफ्ट का पेपर दिनेश के मोबाइल पर भेजा। जो दिनेश ने प्रियंका को दिया था।
अफीम तस्कर भागीरथ विश्नोई ने गोपाल सारण को एसआई भर्ती पेपर के लिए 20 लाख रुपए दिए थे। एसओजी की जांच में पुष्टि होने के बाद एसओजी ने भागीरथ की गिरफ्तारी के लिए कई जगहों पर दबिश दी, लेकिन वह फरार चल रहा हैं।
कौन है भूपेंद्र सारण?
भूपेंद्र सारण साल 2011 में जीएनएम भर्ती पेपर आउट प्रकरण और वर्ष 2022 में पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती पेपर लीक मामले में भी शामिल था। वह फिलहाल जेल में है। एटीएस एसओजी ने सीनियर टीचर भर्ती पेपर लीक मामले में भूपेंद्र सारण को बेंगलुरु एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया था।
RPSC के पूर्व सदस्य रामू राईका को किया था गिरफ्तार
SI भर्ती पेपर लीक मामले में राजस्थान लोक सेवा आयोग (आरपीएससी) के पूर्व सदस्य रामू राम राईका, उसके बेटे देवेश राईका और बेटी शोभा राईका की भी गिरफ्तारी हुई है। रामूराम राईका ने अपने बेटे-बेटी के लिए एसआई परीक्षा से 6 दिन पहले ही पेपर की व्यवस्था कर दी थी। रामूराम जानता था कि बेटे-बेटी पेपर को भी एक-दो दिन में पढ़कर पास नहीं कर सकते। इसलिए छह दिन तक दोनों बच्चों को पेपर की तैयारी कराई गई।
एसओजी की पूछताछ में आरोपी राईका ने बताया कि उसे पेपर तत्कालीन RPSC मेंबर बाबूलाल कटारा से मिला था। इसके बाद निलंबित मेंबर कटारा को भी सोमवार को जयपुर सेंट्रल जेल से प्रोडेक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर लिया गयाा।
अब तक 42 ट्रेनी एसआई हो चुके हैं गिरफ्तार
सब इंस्पेक्टर भर्ती 2021 में पेपर लीक के मामले में एसओजी अब तक 42 चयनित ट्रेनी एसआई और पेपर लीक गैंग से जुड़े 30 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। अभी भी कई ट्रेनी एसआई एसओजी के रडार पर चल रहे हैं। एसओजी ने इसी साल अप्रैल में पहली बार इस एग्जाम से जुड़े ट्रेनी एसआई की गिरफ्तारी की थी।






