जयपुर में 30 करोड़ से ज्यादा की सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के खिलाफ आम जनता ने मोर्चा खोल दिया है। नगर निगम हेरिटेज के हवामहल-आमेर जोन स्थित वार्ड 13 के जयसिंहपुरा खोर में 4 बीघा से ज्यादा सरकारी जमीन पर भूमाफियाओं का अतिक्रमण दिनों दिन बढ़ता जा रहा है। इसके खिलाफ मंगलवार को स्थानीय पार्षद सुरेश सैनी के नेतृत्व में आम जनता ने निगम कमिश्नर अरुण कुमार हसीजा को ज्ञापन सौंप कार्रवाई की मांग की। इसके साथ ही अगले 7 दिन में कार्रवाई नहीं करने पर आमरण अनशन की भी चेतावनी दी।
वार्ड 13 से बीजेपी के पार्षद सुरेश सैनी ने कहा- नगर निगम प्रशासन पूरी तरह मूक दर्शक बन चुका है। अब तक सरकारी जमीन पर हो रहे अवैध अतिक्रमण के खिलाफ दर्जनों शिकायत दे चुका हूं। हवामहल जोन उपायुक्त सीमा चौधरी से लेकर नगर निगम कमिश्नर अरुण कुमार हसीजा तक कहीं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। इस मामले को लेकर मैंने क्षेत्रीय विधायक बालमुकुंद आचार्य और कार्यवाहक मेयर कुसुम यादव से भी शिकायत की है।
जिन्होंने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ऐसे में अगर अगले 7 दिनों में इस मामले का समाधान नहीं हुआ और नगर निगम टीम द्वारा अवैध निर्माण को ध्वस्त कर सरकारी जमीन से कब्जा नहीं हटाया गया। आम जनता के साथ मैं नगर निगम प्रशासन के खिलाफ आमरण अनशन पर बैठूंगा।
सैनी ने कहा- जयसिंहपुर इलाके में लगभग 2 लाख की आबादी होने के बावजूद भी कोई भी सरकारी हॉस्पिटल नहीं है। इसकी वजह से आम जनता को इलाज के लिए गणगौरी या फिर सवाई मानसिंह हॉस्पिटल जाना पड़ता है। जो इस क्षेत्र से काफी दूर है। जयपुर दिल्ली हाईवे से नजदीक होने की वजह से यहां आए दिन हादसे होते हैं। ऐसे में इस पूरे क्षेत्र की जनता यही चाहती है कि इस सरकारी जमीन से अतिक्रमण को हटाकर यहां हॉस्पिटल का निर्माण किया जाए। जयसिंहपुरा खोर में रहने वाली लाखों की आबादी को राहत मिल सके।
दरअसल, जयसिंहपुरा खोर की खसरा नंबर 314/1 सरकारी भूमि पर 2011 में पीटी सर्वे कर नगर निगम द्वारा तार बाउंड्री कर नगर निगम की संपत्ति का बोर्ड लगाया गया था। धीरे-धीरे भूमाफियाओं ने सरकारी जमीन पर कब्जा करना शुरू किया। इसके बाद आज सरकारी जमीन पर दो दर्जन से ज्यादा अवैध बिल्डिंग का निर्माण किया जा चुका है। वहीं, खाली जमीन पर भी प्लॉट और स्कीम के नाम पर आम जनता के साथ लगातार धोखा किया जा रहा है।
कोर्ट ने दिया अतिक्रमण हटाने का आदेश
सामाजिक कार्यकर्ता युगल किशोर भारद्वाज ने 2022 में हाई कोर्ट की डबल बेंच ने इस सरकारी जमीन से भूमाफियाओं के अतिक्रमण को हटाने के आदेश दिए थे। लेकिन आज लगभग 2 साल का वक्त बीत जाने के बाद भी नगर निगम प्रशासन द्वारा अवैध निर्माण को नहीं हटाया गया है। बल्कि, हर दिन यहां अतिकर्मियों द्वारा सरकारी जमीन पर कब्जा कर सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व का चूना लगाया जा रहा है। जिस पर शासन और प्रशासन में बैठे लोगों ने आंखें बंद कर रखी है न जाने उन्हें किस बात का डर लग रहा है।
बीजेपी नेता भी हुए चुप
स्थानीय निवासी पप्पू लाल सैनी ने कहा- पूर्व कांग्रेस सरकार के वक्त जयसिंहपुरा खोर में सरकारी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश की गई थी। तब से अब तक यहां आधा दर्जन से ज्यादा भू माफियाओं ने मिलकर दो बीघा जमीन पर प्लाट भी काट दिए हैं। वहीं, शेष दो बीघा जमीन को भी हथियाना की कोशिश लगातार जारी है। जब राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी तब बीजेपी के नेता इस अवैध निर्माण को हटाने की बात करते थे।
आज बीजेपी की सरकार बने लगभग 1 साल का वक्त बीत गया है। किसी नेता ने सरकारी जमीन से कब्जा हटाने की सुध तक नहीं ली है। इसकी वजह से अब तक दो बीघा से ज्यादा सरकारी जमीन पर भूमाफियाओं द्वारा कब्जा कर अवैध निर्माण करवाकर गैर कानूनी कॉलोनी बसाई जा रही है। आम जनता को सरकारी जमीन पर फर्जी पट्टे काट कर लाखों रुपए में मकान और प्लॉट बेचे जा रहे हैं।
सेटलमेंट डिपार्टमेंट से राय आते ही करेंगे कार्रवाई
हेरिटेज नगर निगम मेयर कुसुम यादव ने कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी तरह के अतिक्रमण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पार्षद द्वारा मुझ तक भी यह शिकायत पहुंची थी। इसके बाद मैंने नगर निगम कमिश्नर को इस मामले पर एक्शन के लिए कहा था। कोर्ट के आदेश की पालना की जाए। लेकिन फिलहाल इस मामले में लीगल एडवाइस के लिए फाइल सेटलमेंट डिपार्मेंट गई हुई है। फाइल अतिक्रमण के ही खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।






