Home » राजस्थान » जिम ट्रेनर के साथ भागी दुल्हन का मर्डर:हाईकोर्ट ने दी लिव-इन में रहने की इजाजत…अचानक लापता, फिर मिली लाश, पार्ट-1

जिम ट्रेनर के साथ भागी दुल्हन का मर्डर:हाईकोर्ट ने दी लिव-इन में रहने की इजाजत…अचानक लापता, फिर मिली लाश, पार्ट-1

दौसा शहर की पिंकी, जिम ट्रेनर रोशन से प्यार करती थी। पिंकी के पिता शंकर लाल ने उसकी शादी मर्जी के खिलाफ मुकेश (बदला हुआ नाम) से करा दी। शादी के 5 दिन बाद ही पिंकी अपने बॉयफ्रेंड रोशन के साथ भाग गई। कुछ ही दिन बाद पिंकी का अपहरण हो गया और फिर उसकी लाश मिली।

पढ़िए पूरी रिपोर्ट…

16 फरवरी 2021 को पिंकी की शादी थी। शादी के पांच दिन बाद वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ भाग गई।
16 फरवरी 2021 को पिंकी की शादी थी। शादी के पांच दिन बाद वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ भाग गई।

16 फरवरी 2021 को बसंत पंचमी थी। अबूझ सावा था। कोरोना के कारण पूरे देश में बहुत सी शादियां अटकी हुई थीं। क्योंकि सरकार ने लॉकडाउन खुलने के बाद शादी समारोह में केवल 50 लोगों के शामिल होने की ही अनुमति दी थी। हालांकि बाद में कुछ राज्यों में 100 लोगों तक की छूट दे दी गई।

राजस्थान में कोरोना का संक्रमण कुछ कम होने पर राज्य सरकार ने शादी समारोह में 200 लोगों के शामिल होने की अनुमति दे दी थी। बसंत पंचमी के अबूझ सावे पर ही दौसा शहर में शंकर लाल सैनी की बेटी पिंकी की शादी दौसा जिले के ही लालसोट के रहने वाले मुकेश से थी।

दौसा शहर के रामकुंड इलाके में रहने वाले शंकर लाल ने अपनी हैसियत के मुताबिक बारात की आवभगत की। शादी के माहौल में हर किसी के चेहरे पर हंसी थी, सिवाय पिंकी के। पिंकी को न शादी की खुशी थी, न अपने दूल्हे को देखने की उत्सुकता। सहेलियों ने उदासी की वजह भी पूछी,लेकिन पिंकी ने कोई जवाब नहीं दिया।

खाना खाते समय दूल्हे मुकेश ने भी पिंकी से बात करने की कोशिश की, लेकिन पिंकी बिल्कुल चुप थी। गुमसुम पिंकी को देखकर दूल्हे सहित सब लोग सोच रहे थे कि माता-पिता के घर का मोह नहीं छूट पा रहा है।

फेरों के दौरान भी पिंकी चुपचाप बैठी रही। पंडित के बताए अनुसार वैवाहिक रस्में निभाती रही। शादी सम्पन्न होने के बाद 17 फरवरी, 2021 को तड़के बारात विदा हो गई। पिंकी अपनी ससुराल चली गई।

पिंकी खुश नहीं थी, लेकिन घरवालों के दबाव में उसे शादी करनी पड़ी। -प्रतीकात्मक फोटो।
पिंकी खुश नहीं थी, लेकिन घरवालों के दबाव में उसे शादी करनी पड़ी। -प्रतीकात्मक फोटो।

पग फेरे के लिए आई और बॉयफ्रेंड के साथ फरार हो गई

ससुराल पहुंच कर भी पिंकी के चेहरे पर कोई रौनक या हंसी-खुशी नहीं थी। पति मुकेश की बातों के जवाब में भी केवल हां और न में ही सिर हिलाती रही। 2 दिन ससुराल में रुकने के बाद पिंकी पग फेरे के लिए पीहर आई।

पीहर में मां सहित घर-परिवार और मोहल्ले की महिलाओं ने पिंकी से उस के दूल्हे और ससुरालवालों के बारे में तरह-तरह के सवाल पूछे। किसी ने किसी सवाल का ढंग से जवाब नहीं दिया।

पिंकी के पिता शंकर लाल सैनी और घर के बाकी लोग समझ नहीं पा रहे थे कि पिंकी को क्या परेशानी है? वह शादी से खुशी क्यों नहीं है? पग फेरे के बाद पति मुकेश और सुसराल के 2-4 लोग उसे लेने आने वाले थे। लेकिन इस से पहले ही 21 मार्च को पिंकी घर से गायब हो गई। परिवार वालों ने आस-पड़ोस में पूछताछ की तो पता चला कि वह अपने प्रेमी रोशन महावर के साथ भाग गई है।

पिंकी रोशन के साथ चली गई तो पिंकी के ताऊ ने रोशनलाल महावर सहित 3-4 लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया।
पिंकी रोशन के साथ चली गई तो पिंकी के ताऊ ने रोशनलाल महावर सहित 3-4 लोगों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया।

हाई कोर्ट ने लिव-इन में रहने की इजाजत दी

जिम ट्रेनर रोशन दौसा शहर के ही झालरा का बास में रहता था। पार्षद का चुनाव लड़ चुका था। रोशन के पिता रामजीलाल महावर पूर्व पार्षद थे। दौसा से भाग कर रोशन और पिंकी जयपुर चले गए। जयपुर में उन्होंने हाईकोर्ट में लिव इन रिलेशनशिप में रहने के लिए याचिका दायर की। न्यायाधीश के समक्ष पिंकी ने अपनी इच्छा से प्रेमी रोशन के साथ रहने की बात कही। हाईकोर्ट ने उन्हें अनुमति दे दी। साथ ही पुलिस को निर्देश दिए कि पिंकी और रोशन को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

बॉयफ्रेंड ने कराया अपहरण का मुकदमा

पिंकी को ले कर रोशन एक मार्च को जयपुर से दौसा झालरा का बास स्थित अपने घर पहुंचा। पिंकी के दौसा वापस आने की जानकारी उस के माता-पिता को भी मिल गई। उसी दिन कुछ घंटे बाद पिंकी के परिवार के कुछ लोग झालरा का बास पहुंचे। रोशन से मारपीट कर पिंकी को जबरन अपने साथ ले गए। इस पर रोशन ने दौसा के महिला थाने में पिंकी के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करा दी।

पुलिस को जब पिंकी के अपहरण और उसके बाद उसके मर्डर की सूचना मिली तो पूरा मामला और उलझ गया।
पुलिस को जब पिंकी के अपहरण और उसके बाद उसके मर्डर की सूचना मिली तो पूरा मामला और उलझ गया।

थाने पहुंचा पिता, बोला- मेरी बेटी का मर्डर हो गया

दो दिन बाद 3 मार्च को रात के तकरीबन ढाई बजे पिंकी के पिता शंकर लाल सैनी दौसा शहर के महिला थाने पहुंचे। बाल बिखरे हुए थे और दाढ़ी बढ़ी हुई थी। बिल्कुल बेसुध दिख रहे थे। महिला थाने के गेट पर संतरी रायफल लिए खड़ा था।

थाने में उस समय ज्यादा स्टाफ नहीं था। उस रात एएसआई पुखराज मीणा थाने में ड्यूटी ऑफिसर थे। गेट पर खड़े संतरी ने शंकर लाल सैनी से पूछा, ‘क्या काम है, इतनी रात को क्यों आए हो?’ उन्होंने कांपती सी आवाज में जवाब दिया- ‘बड़े साहब से मिलना है।’

‘क्यों, क्या बात है, जो रात में साहब से मिलने के लिए आए हो।’

‘साहब, मेरी बेटी का कत्ल हो गया है’ शंकर लाल ने निराशा भरी आवाज में कहा।

कत्ल की बात सुन कर संतरी चौंका। उस ने अपनी रायफल संभाली। शंकर लाल को थाने के अंदर ड्यूटी ऑफिसर पुखराज मीणा के पास ले गया। खून की बात सुन कर ड्यूटी ऑफिसर ने शंकर लाल को गौर से देखा। फिर पास में रखी कुर्सी पर बैठने का इशारा करते हुए उस से पूछा, ‘तुम्हारा नाम क्या है और कहां रहते हो?

‘साहब, मेरा नाम शंकर लाल सैनी है। मैं रामकुंड इलाके में रहता हूं।’

शंकर लाल सैनी का नाम सुन कर पुखराज मीणा को याद आया कि 2-3 दिन पहले ही एक युवती पिंकी का अपहरण हुआ था। वह शंकर लाल की बेटी थी। पिंकी के अपहरण का आरोप रोशन ने शंकरलाल पर ही तो लगाया था और उस के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज था। पिंकी और शंकर का नाम याद आने पर ड्यूटी ऑफिसर ने पूछा, ‘क्या तुम वही शंकर हो, जिसकी बेटी का अपहरण हुआ था।’

Kashish Bohra
Author: Kashish Bohra

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