राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश के तहत राज्य सरकार ने गलता जी मंदिर और उसकी संपत्तियों की देखरेख के लिए जयपुर के जिला कलेक्टर को प्रशासक नियुक्त किया है। हाई कोर्ट ने हाल ही में गलता पीठ के महंत अवधेशाचार्य की नियुक्ति को रद्द कर दिया था और गलता जी के विकास को अयोध्या और उज्जैन के मॉडल पर करने के निर्देश दिए थे।
इसी क्रम में गलता जी में स्थित नवनिर्मित आवासीय धर्मशाला का प्रशासनिक कब्जा पुरातत्व विभाग ने जिला कलेक्टर की गठित समिति को सौंप दिया। यह तीन मंजिला धर्मशाला, जिसमें 18 कमरे हैं, पर्यटन विभाग के तहत पुरातत्व विभाग ने निर्माण किया था।
कब्जा सौंपने की प्रक्रिया के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर सेकेंड आशीष कुमार, उपखंड अधिकारी जयपुर प्रथम राजेश जाखड़, कोषालय जयपुर शहर के प्रतिनिधि, पुरातत्व विभाग के निदेशक पंकज धरेंद्र और देवस्थान विभाग के सहायक आयुक्त महेंद्र देवतवाल मौजूद रहे।
यह कदम गलता जी से जुड़ी संपत्तियों की बिक्री को रोकने और उनके प्रबंधन में पारदर्शिता लाने के लिए उठाया गया है। अधिकारियों ने कहा कि संपत्तियों की देखरेख और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उचित प्रबंधन व्यवस्था की जाएगी। राज्य सरकार गलता जी को एक प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने के लिए योजनाएं तैयार कर रही है।






