बाड़मेर कलेक्टर टीना डाबी ने 12 जनवरी को होने वाले रोहिड़ी म्यूजिक फेस्टिवल प्रोग्राम की परमिशन को रद्द कर दिया है। इसके बाद विवाद शुरू हो गया है। शिव से निर्दलीय विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने राजनीतिक विरोधियों पर षड्यंत्र रचकर प्रोग्राम को निरस्त करवाने का आरोप लगाया है। उधर, उनके समर्थक सोशल मीडिया X पर हैश टैग थार घातक भाजपा ट्रेंड करवा रहे हैं।
विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा- प्रशासन से इजाजत मिलने के बाद हमने इस कार्यक्रम की तैयारियां शुरू की, लेकिन मेरे राजनीतिक विरोधियों ने षड्यंत्र रचकर इसे निरस्त करवा दिया। ये बाड़मेर-जैसलमेर, बालोतरा की जनता के साथ धोखा है।
मामले में कलेक्टर टीना डाबी का कहना है- भारत-पाक बॉर्डर नजदीक होने के चलते सुरक्षा लिहाज से परमिशन रद्द की गई है। यह इलाका प्रतिबंधित है। यहां पर आने-जाने के लिए बाहरी व्यक्ति को परमिशन लेनी पड़ती है। इस प्रोग्राम में कौन-कौन, कहां-कहां से आएंगे, इसको लेकर कोई लिस्ट नहीं दी गई है।

देशभर के कई कलाकारों को किया आमंत्रित शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने 11 नवंबर को कलेक्टर को लेटर लिखकर रोहिड़ी के धोरों पर 12 जनवरी को विशाल सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘द रोहिड़ी फेस्ट’ की अनुमति मांगी थी। 31 दिसंबर 2024 को गडरारोड एसडीएम हनुमानराम ने एक आदेश जारी कर इसकी अनुमति दी थी। इसके बाद कार्यक्रम की तैयारियां शुरू हो गई थी। रोहिड़ी के धोरों पर देशभर के कई प्रसिद्ध कलाकारों को आमंत्रित किया था। इसमें अलग-अलग राज्यों से भी कई लोग शरीक होने वाले थे।
गांव के लोगों ने की थी शिकायत रायसिंह, गिरधरसिंह, रेवंत सिंह और अन्य ग्रामीणों ने 7 जनवरी को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि रोहिड़ी गांव (गडरारोड) में 12 जनवरी को सांस्कृतिक प्रोग्राम द रोहिड़ी फेस्टिवल हो रहा है। यह प्रोग्राम भारत-पाकिस्तान सीमा के पास होने से इसमें संदिग्ध एक्टिविटी होने की संभावना है। ग्रामीणों ने राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से इस प्रोग्राम को निरस्त करने की मांग की थी।

गडरारोड एसडीएम की परमिशन को किया रद्द ग्रामीणों के प्रार्थना पत्र के बाद जिला प्रशासन ने एसपी बाड़मेर, बीएसएफ डीआईजी और एसडीएम गडरारोड से रिपोर्ट मांगी, जिसके आधार पर कार्यक्रम की परमिशन को निरस्त कर दिया। प्रशासन ने बताया- सांस्कृतिक प्रोग्राम स्थल गांव रोहिड़ी इंटरनेशनल बॉर्डर के नजदीक है।
भारत सरकार की अधिसूचना साल 1961 और 1966 के तहत आम लोगों के लिए आवागमन व विचरण के लिए प्रतिबंधित थाना इलाके में स्थित है। इसमें निवासरत व्यक्तियों के अलावा सभी नागरिक अनुमति लेकर ही एंट्री कर सकते हैं। प्रोग्राम इंडो-पाक सीमा से मात्र 5 किलोमीटर की परिधि में है। राष्ट्रीय सुरक्षा की दृष्टि से प्रोग्राम का आयोजना करना उचित प्रतीत नहीं होता है।
गडरारोड एसडीएम की ओर से 31 दिसंबर को सांस्कृतिक प्रोग्राम रोहिड़ी फेस्टिवल आयोजन की अनुमति प्रदान की गई थी, लेकिन इस प्रोग्राम में शामिल होने वाले बाहरी व्यक्तियों की न ही सूची प्रस्तुत की गई और न ही उनका सत्यापन करवाकर अनुमति ली गई है। 31 दिसंबर 2024 प्रतिबंधित इलाके में स्थित गांव रोहिड़ी में 12 जनवरी 2025 को सांस्कृतिक प्रोग्राम आयोजन को दी गई अनुमति निरस्त की गई है।

भाटी बोले- राजनीतिक रंजिश रखने वालों की साजिश परमिशन रद्द होने के बाद शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि- बाड़मेर की लोक संस्कृति और रोहिड़ी के धोरों को पर्यटकों को लुभाने के लिए एक ऐतिहासिक कार्यक्रम होना था। मेरे राजनीतिक विरोधी लोगों ने षड्यंत्र रचकर इसे निरस्त करवाया है, ये बाड़मेर-जैसलमेर, बालोतरा की जनता के साथ धोखा है।
कलेक्टर बोलीं- सुरक्षा एजेंसियों की रिपोर्ट के चलते परमिशन रद्द कलेक्टर टीना डाबी ने कहा- भारत-पाक बॉर्डर के नजदीक यह इलाका प्रतिबंधित है। यहां पर आने-जाने के लिए बाहरी व्यक्ति को परमिशन लेनी पड़ती है। इस प्रोग्राम में कौन-कौन कहां-कहां से आएंगे इसको लेकर कोई लिस्ट नहीं दी गई है। अब प्रशासन की तरफ से कोई परमिशन नहीं है।
पिछले साल पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष ने करवाया था प्रोग्राम पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष स्वरूप सिंह राठौड़ ने 11 फरवरी 2024 को बाखासर में सांस्कृतिक प्रोग्राम ‘आपणो रण’ करवाया था। यह प्रोग्राम स्थल भी भारत-पाक बॉर्डर की तारबंदी से 5-7 किलोमीटर दूर है। तब प्रशासन ने परमिशन दी थी। इस प्रोग्राम में भी बाड़मेर सहित आसपास के जिलों के लोग पहुंचे थे।
सम की तरह रोहिड़ी के धोरे, पर्यटक जोड़ने की पहल जैसलमेर के सम के रेगिस्तान से भी ज्यादा सुंदर रोहिड़ी के धोरे हैं। यहां रेतीले टीले पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। सम के धोरों में देशभर से पर्यटक आते हैं। ऐसे में रोहिड़ी के धोरों से भी पर्यटकों को जोड़ने के लिए रोहिड़ी म्यूजिक फेस्ट आयोजित किया जा रहा था।
गुजरात पर्यटन विभाग की ओर से भारत-पाकिस्तान सीमा पर नडाबेट जीरो पॉइंट पर्यटक क्षेत्र डेवलप किया हुआ है, जो बॉर्डर से सटा है। बाड़मेर का रोहिड़ी गांव बॉर्डर से करीब 5 किमी दूर है।





